नदी-नालों पर प्लाटिंग करने के मामले में हाईकोर्ट ने मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण और डीएम फटकारा, निर्माण पर रोक

नैनीताल

हाईकोर्ट ने नदी नालों को बंजर भूमि में परिवर्तित कर प्लाटिंग करने के मामले में गुरुवार को सुनवाई की। मामले में कोर्ट ने मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण, जिलाधिकारी देहरादून को कड़ी फटकार लगाते हुए नदी भूमि पर निर्माण पर लगा दी है। मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति राघवेंद्र सिंह चैहान एवं न्यायमूर्ति आलोक वर्मा की खंडपीठ में देहरादून निवासी अजय नारायण शर्मा की जनहित याचिका पर सुनवाई की।
याचिका में सहस्त्रधारा क्षेत्र, देहरादून में हो रहे अवैध प्लाटिंग को नियम विरुद्ध करार दिया गया था। जिसमें कहा गया है कि इस मामले में नदी भूमि को बंजर भूमि में परिवर्तित कर प्लाटिंग करने की बिल्डरों द्वारा साजिश की गई है। इस मामले में न्यायालय ने मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण को सात अप्रैल तक विस्तृत रिपोर्ट दाखिल करने के दिशा निर्देश दिये थे। पूछा था कि अतिक्रमण कहाँ हुआ है, किन अधिकारियों की शह पर हुआ है और उन पर क्या कार्यवाई की जा रही है…?

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