निजी स्कूलों को ये सरकारी लीडर स्कूल देंगे टक्कर 

देहरादून
यदि आने वाले दिनों सब कुछ ठीक ठाक रहा तो अंग्रेजी माध्यम के निजी स्कूलों को ये सरकारी लीडर स्कूल  टक्कर देंगे। इसके लिए पूरी कार्य योजना बना ली गयी है और शीघ्र ही इसको अमली जामा पहनाया जाएगा।
प्रदेश में 380 लीडर्स स्कूलों को विकसित करने में शिक्षकों की अहम भूमिका रहेगी। इसके लिए इन स्कूलों के प्रधानाचार्यों, प्रधानाध्यापकों और शिक्षकों को ट्रेनिंग दी जाएगी। एशियन डेवलपमेंट बैंक (एडीबी) के माध्यम से राज्य के 380 स्कूलों में हर ब्लाक में माध्यमिक और प्राथमिक स्तर के स्कूलों को चुना जा रहा है। माध्यमिक स्तर पर 190 अटल उत्कृष्ट विद्यालयों को इसके लिए चयनित किया जा चुका है। 190 प्राथमिक स्कूलों का चयन किया जाएगा। अंग्रेजी माध्यम निजी स्कूलों को ये सरकारी लीडर स्कूल टक्कर देंगे। प्राथमिक विद्यालयों में कक्षा तीन से पांचवीं तक छोटे बच्चों में सीखने और जानने की प्रवृत्ति में सुधार लाया जाएगा। नवीं व 10वीं कक्षा में छात्र-छात्राओं के ड्रापआउट कम करने पर विशेष जोर रहेगा।
लीडर स्कूलों में ऑनलाइन और वर्चुअल तरीके से पढ़ाई की सुविधा यानी स्मार्ट क्लास की सुविधा दी जाएगी। शिक्षा सचिव आर मीनाक्षी सुंदरम ने बताया कि सभी चयनित लीडर स्कूलों में एडीबी की मदद से जरूरी ढांचागत सुविधाओं की पूर्ति की जाएगी। लैबोरेट्री, लाइब्रेरी, टायलेट, कंप्यूटर की बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। शैक्षिक गुणवत्ता के लिए लॄनग इनहेंसमेट, टीचर्स ट्रेनिंग, डिजिटल लिट्रेसी, इफेक्टिव कम्युनिकेशन पर खास फोकस रहेगा। शिक्षा सचिव ने बताया कि प्रत्येक लीडर स्कूल के प्रधानाचार्य, प्रधानाध्यापक और शिक्षकों को नेतृत्व क्षमता विकसित करने की ट्रेनिंग दी जाएगी। उन्हें पढ़ाई के साथ ही बच्चों के बहुआयामी विकास पर भी ध्यान देना होगा। हर जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान में शिक्षकों के प्रशिक्षण के लिए माडयूल तैयार किए जाएंगे।
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