Wednesday, May 8, 2024
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किसान संवाद में पीएम मोदी ने ममता पर साधा निशाना, कहा- बंगाल सरकार किसानों के पैसे अटकाकर बैठी है ´

नई दिल्ली ———-

राजधानी से सटी सीमाओं पर केंद्र के कृषि कानूनों को लेकर आंदोलन के बीच किसानों से बात करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री तथा तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की मुखिया ममता बनर्जी पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें किसानों के हित की चिंता नहीं है, बल्कि वह राजनैतिक रूप से खुद को पुनर्जीवित करने की कोशिश में जुटी हैं।

पीएम ने कहा, पश्चिम बंगाल की सरकार की वजह से राज्य के 70 लाख किसानों को पीएम किसान निधि के तहत पैसे नहीं मिल रहे हैं, जबकि भारत सरकार की तरफ से सारा पैसा दिया जा रहा है। बंगाल के कई किसानों ने भारत सरकार को चिट्ठी लिखी है, लेकिन पश्चिम बंगाल सरकार पैसे अटकाकर बैठ गई है।

उन्होंने कहा, श्यह केंद्र सरकार का पैसा है, राज्य सरकार को कोई रकम खर्च नहीं करनी है, लेकिन इसके बावजूद किसानों को कोई रकम नहीं मिल रही है। लाखों किसानों ने योजना का लाभ पाने के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करवाया है, लेकिन राज्य सरकार ने उसे अटका दिया है।

पीएम मोदी ने कहा, श्बेहद उदास मन से यह कह रहा हूं, अगर आप 15 साल पुराने ममता जी के भाषणों को सुनेंगे, तो आप जानेंगे, कैसे (मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी-सीपीएम) सरकारों ने बंगाल को तीन दशकों तक घुटनों पर लाए रखा, लेकिन यही लोग किसानों को पीएम निधि का लाभ दिलाने के लिए कोई अभियान नहीं चलाते। ऐसे ही लोग पंजाब में हैं। तृणमूल किसानों की मदद नहीं करेगी, लेकिन पंजाब, दिल्ली में अपने राजनैतिक प्रतिद्वंद्वियों से भी गठजोड़ कर लेंगे। ये पार्टियां, जो किसानों के बारे में कुछ नहीं बोलतीं, दिल्ली में राजनीति के लिए किसानों को इस्तेमाल करती हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा, किसानों को बरबाद करने वाले वही झंडाबरदार ही अब किसानों को गुमराह कर रहे हैं। आपके पास अगर विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व करने का समय है, तो आप केरल में प्रदर्शन क्यों नहीं करते और एपीएमसी एक्ट को पारित करवाते। जो लोग किसानों को गुमराह करने के लिए अपने झंडे का इस्तेमाल कर रहे हैं, वे दरअसल खुद को राजनैतिक रूप से पुनर्जीवित करने के लिए श्जड़ी-बूटी तलाश कर रहे हैं।

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