जहरीली शराब से हुई मौतों के लिए सरकार जिम्मेदार : अमरीश कुमार

हरिद्वार – बिडूखड़क व बल्लूपुर गांव और सहारनपुर प्रदेश के गांवो में जहरीली शराब पीने से सौ से अधिक लोगो की मौत के लिए यूपी व उत्तराखण्ड राज्यों की संवेदनहीन सरकारें जिम्मेदार है। प्रैसवार्ता के दौरान पूर्व विधायक अमरीश कुमार ने कहा कि यह घटना समाज को विचलित करने वाली है। दिल दहलाने वाली इस घटना से शराब तंत्र की मजबूती का इससे बड़ा उदाहरण नहीं हो सकता है। संवेदनशील लोग इस घटना से स्तब्ध थे। लेकिन उत्तराखण्ड व उत्तर प्रदेश की सरकारें चंद अधिकारियों के निलंबन व लीपापोती कर अपनी कारगुजारी को छिपाने में लगी हुई हैं। उन्होंने कहा कि शराब माफिया धड़ल्ले के साथ अवैध शराब की बिक्री कर रहे हैं। मात्र शासन प्रशासन व शराब माफियाओं के खिलाफ औपचारिकता भरी कार्रवाई करने में लगा हुआ है। मृतकों के परिजनों को ढाढस बंधाने का काम भी सरकार द्वारा नही किया जाना सरकार की उदासीनता को दर्शाता है। अमरीश कुमार ने कहा कि ऐसी सरकारों को गद्दी पर बने रहने का कोई अधिकार नहीं है। विकास के मुद्दों पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि जनता से किए गए वादों पर मोदी सरकार पूरी तरह से विफल साबित हुई है। किसानों के कर्ज माफी के मामले में सरकार की उदासीनता साफ तौर पर देखी जा सकती है। गन्ने का भुगतान नहीं हो पा रहा है। गन्ने की बहुत बड़ी धनराशि बकाया है। किसान बेहाल है। प्रधानमंत्री उत्तराखण्ड के किसानों के साथ धोखा कर रहे हैं। अमरीश कुमार ने यह भी प्रश्न उठाया कि भारत की सुरक्षा व्यवस्था से प्रधानमंत्री और केंद्र सरकार ने राफेल विमान खरीद समझौते के माध्यम से खिलवाड़ किया है। उन्होंने सिर्फ जनता को ही नहीं नियम कायदों को भी ताक पर रखने का काम किया। ना खाऊंगा ना खाने दूंगा कहने वाले प्रधानमंत्री का कार्यालय इस डील से एंटी करप्शन क्लॉज हटाकर प्रधानमंत्री के चहेतों को भ्रष्टाचार की छूट देने को जिम्मेदार है। उन्होंने कहा कि जीएसटी के नाम पर व्यापारियों का शोषण और अधिकारियों की लूट ने कांग्रेस पार्टी को विवश कर दिया है कि देवभूमि की परम्परा को छोडक़र 14 तारीख को रूद्रपुर में प्रधानमंत्री के आगमन का विरोध करने का निर्णय लिया गया है। सौ मौतों पर भी राज्य सरकार चुप्पी साधे हुए है। इस अवसर पर मुरली मनोहर, महानगर अध्यक्ष संजय अग्रवाल, धर्मपाल ठेकेदार, प्रदीप चैधरी आदि सहित कई लोग मौजूद रहे।

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