गलियों में बह रही गंदगी से व्यापारी परेशान

हरिद्वार – गंगा के संरक्षण के लिए केंद्र सरकार व राज्य सरकारों द्वारा जनजागरूकता से लेकर गंगा को स्वच्छ निर्मल बनाए रखने के लिए कई योजनाएं संचालित की जा रही हैं। लेकिन हरिद्वार की विभिन्न गलियों में सीवर के पाईप लाईन जगह जगह से टूटी हुई हैं। मल मूत्र सीधे नालियों के रास्ते से गंगा के अलावा बाजारों में भी पहुंच रहा है। सीवर उफनने के कारण व्यापारियों को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। रामघाट स्थित नरसिंह भवन की गली, पुरोहित भवन, होटल वसुंधरा के पीछे वाली गली में महीनों से मल मूत्र एकत्र होकर नालियो के रास्ते सीधा बाजार की सडक़ों पर बह रहा है। आसपास के दुकानदार एवं तीर्थयात्रियों का आवगमन भी प्रभावित हो रहा है। यात्रियों को नाक पर कपड़ा रखकर मार्ग से गुजरना पड़ रहा है। जल संस्थान विभाग के कर्मचारी इस और कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं। अधिकारी भी मात्र कागजों में भारत स्वच्छता अभियान की पूर्ति करने में लगे हुए हैं। भाजपा नेता संजय चोपड़ा ने कहा कि अधिकारियों व कर्मचारियों की लापरवाही की वजह से जनता को काफी कठिनाईयों का सामना करना पड़ रहा है। दुर्गन्ध के कारण आसपास के रहने वाले व्यापारी, मौहल्ले निवासियों को नारकीय जीवन जीने पर मजबूर होना पड़ रहा है। चोपड़ा ने जिला अधिकारी से मांग करते हुए कहा कि उफनते सीवर व गंदे नालों को तत्काल चिन्हित कर ठोस कार्रवाई करनी चाहिए। जल संस्थान के अधिकारियों को भी इन क्षेत्रों का निरीक्षण करना चाहिए। गंगा को प्रदूषण मुक्त करने की योजनाएं पूर्ण रूप से धरातल पर लागू होनी चाहिए। केंद्र एवं राज्य सरकारें लगातार स्वच्छता अभियान एवं गंगा प्रदूषण मुक्ति को लेकर प्रयास तो कर रही हैं। लेकिन संबंधित विभाग के अधिकारी अपने दायित्व को नहीं समझ रहे हैं। क्षेत्र निवासी राजकुमार शर्मा व श्यामलाल ने कहा कि नालों नालियों का बुरा हाल है। सीवर का गंदा पानी सडक़ों पर बह रहा है। नियमित सफाई नहीं हो पा रही है। अधिकारियों की लापरवाही का खामियाजा जनता को भुगतना पड़ रहा है। रामघाट बाजार में दुर्गन्ध के कारण श्रद्धालु यात्री भी परेशान हैं। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि आने वाले कांवड़ मेले को दृष्टिगत रखते हुए सभी नाले नालियों की सफाई करायी जाए। उफनते सीवर तत्काल बंद होने चाहिए। ओपन सीवर बह रहे उनको भी चिन्हित कर कार्रवाई को सुनिश्चत किया जाए।

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