अस्पताल मे ही रहता है डेंगू , निरीक्षण के दौरान अस्पताल के करीब 70 प्रतिशत कूलरों से डेंगू मच्छर के अंडे और लार्वा बरामद

Pankaj Kumar

शामली :— शामली के जिला अस्पताल में इन दिनों डेंगू मच्छरों की खूब डिलीवरी हो रही है। दिल्ली से अस्पताल के निरीक्षण पर पहुंची मिनिस्टरी ऑफ हैल्थ एण्ड फैमिली वेलफेयर की टीम ने यह बड़ा खुलासा किया है। निरीक्षण के दौरान अस्पताल के करीब 70 प्रतिशत कूलरों से डेंगू मच्छर के अंडे और लार्वा बरामद हुए हैं। यह खुलासा जिले की हैल्थ मशीनरी की जनता के स्वास्थ्य के प्रति गंभीरता को बयां करने वाला है।

दरअसल आपको बता दें कि पूरा मामला जनपद शामली के जिला चिकित्सालय का है जहां पर नेशनल वेक्टर बांड डिजीज कंट्रोल प्रोग्राम के तहत मिनिस्टरी आँँफ हैल्थ एण्ड फैमिली वेलफेयर गर्वमेंट आॅफ इंडिया की चार सदस्यीय टीम शामली जिला अस्पताल पहुंची। टीम द्वारा सरकारी अस्पताल और रिहायशी कम्पाउंड के कूलरों को खोलकर देखा गया, तो करीब 70 प्रतिशत कूलरों से डेंगू मच्छर के अण्डे और लार्वा बरामद हुआ। वैसे तो आमतौर पर शामली में स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही देखने को मिलती रहती है लेकिन जो यह लापरवाही स्वास्थ्य विभाग की शामली में सामने आई है यह बहुत ही चौकाने वाली है। जहाँ देश और प्रदेश की सरकारे स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर गंभीर रहती है और आए दिन तरह-तरह की योजनाएं चलाकर बीमारियों की रोकथाम करती है और तरह-तरह के स्वास्थ्य मिशन चलाकर लोगों को बीमारियों और अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखने के प्रति जागरूक करती है लेकिन शामली में स्वास्थ्य विभाग की ऐसी लापरवाही सामने आना अपने आप में एक बहुत गंभीर बात है। शामली स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही सामने आने का यह पहला मामला नही है इससे पहले भी स्वास्थ्य विभाग ऐसे ही लापरवाही के के मामले सामने आ चुके है। स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही सामने आना इस बात को दर्शाता है कि आखिर शामली का स्वास्थ्य विभाग स्वास्थ्य संबंधी सेवाओं को लेकर कितना जागरूक है।

शामली के जिला चिकित्सालय के कूलरों में जहां 70% कूलरों में डेंगू के मच्छर के अंडे और लारवा बरामद हुआ है उसे मरीज अस्पताल में ठीक होने की बजाय उल्टा बीमार होकर जाने को मजबूर है। क्योंकि मरीज को बीमारी के दौरान अस्पताल में इसलिए भर्ती कराया जाता है ताकि उसका उपचार किया जा सके और जिस बीमारी से वह ग्रसित है उसको उसका इलाज देकर ठीक किया जा सके। लेकिन यहां तो अगर कोई मरीज भर्ती होता है और किसी बीमारी का इलाज कराने के लिए आता है तो वह दूसरी बीमारी को सौगात के रूप में अपने साथ लेकर जा रहा है तो वही मरीज के साथ आने वाले तीमारदार भी खुद मरीज बनकर अस्पताल से जा रहे हैं।
टीम के अधिकारी मनीष कुमार निर्वाल ने बताया कि कूलरों और अस्पताल कम्पाउंड में एंटी लार्वा छिड़कने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि यह बहुत ही गंभीर लापरवाही है। निरीक्षण की रिपोर्ट भारत सरकार और लखनऊ को भेजी जाएगी।

जब इलाज करने वाले खुद ही बीमार हो तो आप खुद ही अंदाजा लगा सकते हैं कि आखिर बीमार लोगों का इलाज कैसे होगा और अगर यही हालात शामली के स्वास्थ्य विभाग के रहे तो वह दिन दूर नहीं जब एक एक बेड पर कहीं-कहीं मरीज अस्पताल में भर्ती होंगे अब देखने वाली बात यह होगी कि आखिर ऐसे दोषी अधिकारियों के खिलाफ प्रदेश की सरकार आखिर क्या कार्रवाई करती है।

36

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *