मरीज को तर्कसंगत दवाएं लिखें डाक्टर: रविकांत



ऋ षिकेष। एम्स ऋषिकेश में फार्माकोलॉजी विभाग की ओर से दवाइयों के दुष्प्रभाव की रोकथाम की रिपोर्टिंग, विश्लेषण व बचाव विषय पर दो दिवसीय कार्यशाला शुरू हुई। एम्स निदेशक रवि कांत ने दवाइयों से होने वाले दुष्प्रभाव की जानकारी दी और डाक्टरों से मरीज को तर्कसंगत दवा लिखने आह्वान किया।कार्यशाला में देशभर के विभिन्न मेडिकल व पैरामेडिकल संस्थानों से सौ से अधिक चिकित्सकों व विद्यार्थी प्रतिभाग कर रहे हैं। एम्स औषधी विज्ञान विभागाध्यक्ष प्रोफेसर शैलेंद्र हांडू की अध्यक्षता में आयोजित दो दिवसीय कार्यशाला में बतौर मुख्य अतिथि एम्स निदेशक रवि कांत ने कहा कि चिकित्सकों के संवेदनशील होने पर ही दवाओं के दुष्प्रभावों को रोकने के लिए ठोस व कारगर कदम उठाए जा सकते हैं। एम्स के जनरल मेडिसिन विभाग के वरिष्ठ चिकित्सक डा. रविकांत ने बेहतरीन फार्माको विजिलेंस सिस्टम के बाबत विस्तृत जानकारी दी। आयुष विभाग की ओर से डा. मीनाक्षी पाटिल, डा. जयप्रकाश ने आयुर्वेद व घरेलू नुस्खों से मरीज पर पडऩे वाले दुष्प्रभावों और दवाइयों की गुणवत्ता के बारे में व्याख्यान दिया। राज्य के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के डा. मयंक बडोला, एम्स के फार्माकोलॉजी विभाग के डा. पुनीत धमीजा, डा. मनीषा बिष्ट,डा. अनुभा अग्रवाल,दून मेडिकल कॉलेज के डा. रंगील सिंह, डा. पल्लवी श्रीवास्तव, डा. पुनीत धमीजा आदि विशेषज्ञों ने दवाइयों के दुष्प्रभावों की रिपोर्टिंग के तौर तरीके, विश्लेषण एवं बचाव संबंधी प्रशिक्षण लिया। कार्यशाला में डीन एकेडमिक प्रोफेसर मनोज गुप्ता, एमएस डा. ब्रह्मप्रकाश,प्रो. बीना रवि,फार्माकोलॉजी विभागाध्यक्ष डा. शैलेंद्र हांडू,प्रो.किम जैकब मेमन, डा. गौरव चिकारा, डा. साजिद हसन, डा.विनोद आदि मौजूद थे।

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