डीजी हेल्थ ने स्वीकारा डेंगू से निपटने के लिए जो इंतजाम किये गये है वह नाकाफी


देहरादून। राजधानी में महामारी का रूप ले चुके डेंंगू के खिलाफ आज कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने डीजी हेल्थ कार्यालय पर उपवास और प्रदर्शन किया। इस दौरान डीजी हेल्थ ने स्वीकार किया कि डेंगू से निपटने के लिए जो इंतजाम किये गये है वह नाकाफी है।कांग्रेस नेता सूर्यकांत धस्माना का कहना है कि सरकार द्वारा डेंगू से निपटने की कोई तैयारी नहीं की गयी। उन्होने कहा कि विभाग को यह तक पता नहीं है कि दून में कितने लोग डेंगू से पीडि़त है। स्वास्थ्य विभाग सिर्फ दून अस्पताल के आंकड़े बता रहा है जो आठ सौ के आस पास है उन्होने कहा कि दून के तमाम सरकारी और निजी अस्पतालों में डेंगू पीडि़त भरे पड़े है। उन्होने कहा कि अकेले दून में 10 हजार से अधिक लोग डेंगू से पीडि़त है लेकिन सरकार और स्वास्थ्य महकमा अभी भी नींद में है। उन्होने मुख्यमंत्री पर निशाना साधते हुए कहा कि स्वास्थ्य विभाग का जिम्मा संभालने वाले मुख्यमंत्री दूसरे कामों में व्यस्त है उन्हे डेंगू से मरने वालों की कोई चिंता नहीं है। उन्होने कहा कि उनके क्षेत्र नत्थनपुर में एक युवक की मौत हो गयी। डेंगू से शहर में डा. अष्ठवनी की मौत हो गयी, एक 19 वजऱ्ीय छात्र की मौत हो गयी लेकिन सीएम किसी का भी हाल जानने नहीं पहुंचे। सूबे के सबसे बड़े दून अस्पताल सिटी स्कैन मष्ठाीन छह माह से खराब पड़ी है, नर्स नहीं, तकनीशियन नहीं, मरीज बरामदे में पड़े है लेकिन मुख्यमंत्री को इसकी कोई फिक्र नहीं है। उन्होने डीजी हेल्थ से मांग की है कि वह डेंगू पीडि़त और मरने वालों की सही संख्या की जानकारी दें तथा निजी लैब संचालकों को निर्देश दे कि वह सरकारी दरों पर जांच करें। उन्होने बताया कि डीजी हेल्थ ने उन्हे मंगलवार तक आंकड़े देने और व्यवस्थाओं में सुधार का आश्वासन दिया है तथा डेंगू से होने वाली मौतों की जांच कराने के निर्देश दिये है। धस्माना ने कहा कि अगर अभी सरकार नहीं जागती है तो वह सीएम आवास पर उपवास व धरना प्रदर्शन करेंगें।

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