बरसात में गॉव तक जाने वाली सड़क के क्षतिग्रस्त होने पर ग्रामीण ही श्रमदान करने के लिए मजबूर

विनीता खुराना

ऋषिकेश- छिद्दरवाला ग्राम पंचायत का नवाबवाला क्षेत्र के लोग राजनैतिक उपेक्षाओ के चलते आज भी आम सुविधाओं से वंचित है, तथा बरसात में गॉव तक जाने वाली सड़क के क्षतिग्रस्त होने पर ग्रामीण ही श्रमदान करने के लिए मजबूर हैं।
ग्राम पंचायत छिद्दरवाला के नवाबवाला क्षेत्र के ग्रामीणों ने जनप्रतिनिधियों व सरकारी अनदेखी के चलते स्वयं ही मैदान में उतरकर गॉव तक जाने वाले सड़कमार्ग को मिट्टी व पत्थर से भरकर चलने लायक बनाने में जुट गए हैं, गॉव के पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य गोकुल रमोला ने बताया कि नवाबवाला में 600 के करीब आबादी निवास करती है, जिनकी सुध लेने के लिए कोई नहीं है, जबकि पंचायत चुनाव के दौरान गॉव में राजनेताओं की चहलकदमी जरूर बढ़ जाती है जो चुनाव के बाद शायद ही दुबारा नजर आते हैं, उन्होंने बताया कि कच्ची सड़कों के कारण बरसात के दिनों में ग्रामीणों के सामने आवागमन की समस्या खड़ी हो जाती है, राष्ट्रीय राजमार्ग 58 से जुड़ी 1 किलोमीटर के करीब का उक्त मार्ग जंगल से होकर गुजरता है, जिसमें स्थानीय ग्रामीणों सहित स्कूली बच्चे भी गुजरते है,

यहा तक की कई पूर्व सैनिको के परिवार भी आम दिनों में इसी मार्ग का प्रयोग करते हैं, बरसात के कारण जहा उक्त मार्ग पानी से भरे गड्डो में तब्दील हो गया है वही सड़क मार्ग की दयनीय हालत के कारण ग्रामीणों को भी काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है, श्री रमोला ने बताया कि नवाबवाला वाला पंचायत क्षेत्र है, तथा 2014 में पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत को ज्ञापन देकर उक्त मार्ग को दुरुस्त करने की मांग की गई थी, मगर काफी समय बीतने के बाद भी कुछ नहीं हुआ, हालांकि सड़क की दुर्दशा को सुधारने के लिए गोकुल रमोला वन विभाग के अधिकारियों से भी मिले और उनसे वन योजनाओं के माध्यम से 1किलोमीटर के सड़क मार्ग को सही करने का आग्रह किया, लेकिन वन अधिकारियों ने भी उनकी बात को अनसुना कर दिया, तब गोकुल रमोला ने क्षेत्रवासियों की समस्या को देखते हुए मिट्टी-पत्थर मंगाकर स्थानीय ग्रामीणों के सहयोग से सड़क के गड्डो को भरने में जुट गए ओर ग्रामीणों की मेहनत रंग लाई ओर मार्ग चलने लायक हो पाया, वही गोकुल रमोला को चिंता है कि बारिश फिर सड़क में भरे मलबे को बहा कर खराब कर देगी, जिसका स्थाई समाधान निकालना आवश्यक हैं और जिसके लिए वह सरकारी मदद की आस लगाए हुए है।सड़क मार्ग के लिए श्रमदान करने वालो में रेनू क्षेत्री, पुष्पा थापा, लक्ष्मी बहादुर थापा, बुध बहादुर गुरुंग, रतन बहादुर, प्रेम बहादुर, तारा थापा, संजू थापा, अपर्णा थापा, अमन थापा, पदम बहादुर, गंगा थापा आदि शामिल थे।

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