मरीज का ताबीज बनवाने जिला अस्पताल पहुंचा युवक

आलम वारसी

मुरादाबाद – इसे अशिक्षा कहें या अंधविश्वास कि अब लोग अस्पताल में इलाज के लिए नहीं बल्कि गंडे ताबीज बनवाने के लिए आने लगे हैं। ऐसा ही एक मामला सोमवार की देर शाम जिला अस्पताल में सामने आया।
सोमवार की देर शाम करीब सात बजे बिहार के जनपद मोतीहारी के थाना चिरमया के गांव मोहदीपुर निवासी 24 वर्षीय मुन्ना कुमार पुत्र अवध प्रसाद को उसकी बुआ का बेटा भोला कुमार बेहोशी की हालत में जिला अस्पताल लेकर आया। इमरजेंसी कक्ष में मौजूद डॉक्टर अरुण तोमर ने मुन्ना कुमार को देखा और उपचार करने लगे। मगर उसे लेकर आए भोला कुमार ने यह कहते हुए उन्हें उपचार करने से मना कर दिया कि इसका इलाज गोली या सुई से नहीं बल्कि जंतर (ताबीज) से होगा। भोला की बात सुनकर डॉक्टर तोमर भी सकते में आ गए। उन्होंने भोला को समझाया कि यह अस्पताल है, यहां दवा और इंजेक्शन से उपचार किया जाता है, ताबीज गंडे नहीं बनाए जाते। लेकिन भोला ने मुन्ना कुमार को भर्ती कराने से इनकार कर दिया। कहने लगा कि इसका जंतर गांव में छूट गया। इसके शरीर पर जंतर बांधते ही ठीक हो जाएगा। भोले की बात सुनकर डॉक्टर ही नहीं बल्कि इमरजेंसी कक्ष ने मौजूद अन्य मरीज और उनके तीमारदार भी हैरान हो गए। सभी ने भोला कुमार को खूब समझाया मगर वह मुन्ना का इलाज कराने के लिए तैयार नहीं हुआ। इस दौरान डॉक्टर तोमर ने मुन्ना कुमार को भर्ती करके उसकी फाइल भी बना दी। मदर फिर भी भोला कुमार जबरन अपने भाई को निजी एंबुलेंस से बिहार ले गया।

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