यमुना नदी खतरे के निशान के पार, फसले हुई जलमग्न

Pankaj Kumar

शामली :— पहाड़ियों में हो रही लगातार बारिश के कारण शामली में यमुना नदी का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर बह रहा है। यमुना नदी ने अपना रौद्र रूप धारण कर लिया है और यमुना नदी के आसपास खेत में खड़ी फसलें सभी जलमग्न हो चुकी हैं और चारों तरफ पानी ही पानी है। यमुना नदी के किनारे बसे डेरों में पानी घुस चुका है और पशु पानी के अंदर रहने को मजबूर हैं।

आपको बता दें कि मामला जनपद शामली का है जहां पर पहाड़ों में लगातार हो रही बारिश के कारण यमुना नदी ने अपना रौद्र रूप धारण कर लिया है और यमुना नदी अपने खतरे के निशान से 1.4 मीटर ऊपर बह रही है। यमुना नदी का जलस्तर बढ़ने और खतरे के निशान को पार करने के बाद पानीपत – खटीमा हाईवे पर कैराना में यमुना नदी पर बने ब्रिज को करीब 1 घंटे तक बंद रखा गया और इस दौरान हरियाणा और यूपी राज्य का संपर्क करीब 1 घंटे तक टूटा रहा। इस दौरान सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी-लंबी लाइनें लगी हुई नजर आई। हरियाणा के यमुनानगर के हथनीकुंड बैराज से 8000 क्यूसेक पानी परसों छोड़ा गया था जो कि जनपद शामली के कैराना में आज रात पहुंचा।

जिस कारण यमुना नदी का जलस्तर खतरे के निशान को पार कर गया और इसी कारण यमुना नदी पर बने ब्रिज को करीब 1 घंटे तक के लिए बंद किया गया और उस पर आवाजाही रोक दी गई। यमुना नदी के किनारे बसे डेरों में पानी भर चुका है और वहां लोग पानी में रहने को मजबूर हैं। यमुना नदी के किनारे खड़ी फसल जलमग्न हो चुकी है और जहां तक नजर जाती है दूर-दूर तक वहीं तक पानी ही पानी नजर आ रहा है। कैराना यमुना ब्रिज पर बनी गौशाला में भी पानी घुस आया है और यमुना के बढ़े जलस्तर ने गौशाला को अपनी चपेट में ले लिया है और गौशाला में पानी ही पानी है। सभी गाय पानी में ही रहने को मजबूर हैं।यमुना नदी के किनारे बने केंद्रीय जल आयोग के दफ्तर को भी यमुना नदी ने अपनी बाढ़ की चपेट में ले लिया है और केंद्रीय जल आयोग का दफ्तर पूरी तरीके से जलमग्न हो चुका है इतना ही नहीं आयोग के दफ्तर में जाने के लिए कोई रास्ता नहीं बचा है

चारों तरफ पानी ही पानी नजर आ रहा है केंद्रीय जल आयोग का यमुना नदी के किनारे ऑफिस बना हुआ है जहां से आयोग द्वारा वाटर लेवल समय-समय पर चेक किया जाता है और साथ ही यह भी पता लगाया जाता है कि यमुना ब्रिज के नीचे से प्रतिदिन कितना पानी गुजर चुका है और हर घंटे बाद आयोग के कर्मचारी वाटर लेवल की एक रिपोर्ट तैयार कर दिल्ली अपने हेड ऑफिस भेजते हैं जो रिपोर्ट यहां से भेजी जाती है उसी के आधार पर आने वाली किसी भी आपदा से बचने के लिए पूरा खाका तैयार किया जाता है और उसके लिए इंतजाम आज भी किए जाते हैं। केंद्रीय जल आयोग के दफ्तर का जल मग्न होना अपने आप में साबित करता है कि यमुना ने किस कदर अपना रौद्र रूप धारण किया हुआ है साथ ही उन इंतजाम आप की भी पोल खोलता हुआ नजर आता है जो बाढ़ नियंत्रण कि सभी तैयारियों के पूर्ण होने का खोखला दावा करते हैं।

यमुना का जलस्तर खतरे के निशान को पार कर चुका है और यमुना रौद्र रूप धारण किए हुए है जिसको देखने के लिए आसपास के लोग यमुना ब्रिज पर पहुंच रहे हैं और सेल्फी का दौर चालू है यमुना किनारे सैकड़ों की तादात में लोग जमा है

लेकिन पुलिस प्रशासन की तरफ से सुरक्षा के कोई इंतजाम आ तो वहां पर नहीं किए गए हैं शामली पुलिस विभाग की तरफ से यमुना किनारे कोई भी पुलिसकर्मी वहां पर तैनात नहीं किया गया है जो कि उस भीड़ को नियंत्रित कर उसे वहां से हटा सके अब ऐसे में अगर कोई बड़ा हादसा हो जाता है तो उसका जिम्मेदार आखिर कौन होगा

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