बैंक के खिलाफ भारतीय किसान यूनियन का हल्ला बोल

pankaj kumar

शामली — शामली में भारतीय किसान यूनियन का बैंक के खिलाफ हाला बोल दिया। भारतीय किसान यूनियन के सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने स्टेट बैंक के कर्मचारियों को बैंक के अंदर बंधक बना दिया और बैंक के बाहर धरने पर बैठ गए। बैंक ने धोखाधड़ी कर किसान के नाम लोन जारी कर पैसे हड़प लिए। किसान की शिकायत के बाद भी किसान के नाम से लोन खत्म न करने पर किसान यूनियन ने आज बैंक पर हल्ला बोल दिया।

दरअसल आपको बता दें कि पूरा मामला जनपद शामली के सदर कोतवाली क्षेत्र के मेरठ – करनाल हाईवे के बुढ़ाना रोड पर स्थित भारतीय स्टेट बैंक का है जहां पर आज सैकड़ों की तादात में भारतीय किसान यूनियन के कार्यकर्ताओं ने इकट्ठा होकर बैंक के कर्मचारियों को बैंक के अंदर बंधक बना दिया और बैंक के सामने मेन गेट पर ताला जड़ दिया और बैंक के बाहर धरने पर बैठ गए। भारतीय किसान यूनियन की मांग है कि किसान के नाम से धोखाधड़ी कर किसान के नाम उसकी कृषि भूमि पर साढ़े बारह लाख रुपए का लोन जारी कर दिया और उस पैसे की बंदरबांट कर सारे बैंक कर्मचारी डकार गए। किसान को सारी बात का तब पता चला जब किसान खसरा खतौनी निकलवाकर गन्ना सोसाइटी में जमा करने के लिए गया। किसान ने पूरे मामले की शिकायत बैंक के मैनेजर से की लेकिन मैनेजर ने कोई जवाब नहीं दिया। जिससे नाराज आज भारतीय किसान यूनियन के कार्यकर्ताओं ने बैंक पर हल्ला बोल दिया और बैंक पर ताला जड़कर कर्मचारियों को बंधक बनाकर बैंक के बाहर धरने पर बैठ गए। भारतीय किसान यूनियन का कहना है कि जब तक किसान के नाम से धोखाधड़ी कर जारी किया गया लोन वापस नहीं होता है और आरोपी बैंक कर्मचारियों के खिलाफ कोई कार्यवाही नहीं होती है तब तक उनका यह धरना जारी रहेगा।

क्या है पूरा मामला

दरअसल आपको बता दें कि कैराना कोतवाली क्षेत्र के गांव बुच्चाखेड़ी के रहने वाले किसान रामसिंह को गन्ने की फसल को गन्ना सोसायटी में अंकित कराने के लिए खसरा खतौनी की जरूरत पड़ी तो वह तहसील में गया और उसने वहां से खसरा खतौनी निकलवाई। जब किसान ने खसरा खतौनी निकलवाई और उस पर देखा कि उसके नाम साढ़े बारह लाख रुपए का लोन अंकित मिला तो उसके पैरों के नीचे से जमीन खिसक गई। पीड़ित किसान राम सिंह ने अपनी यह बात जाकर अपने परिवार को बताई तो पीड़ित किसान राम सिंह के परिजन उसे लेकर शामली के मेरठ करनाल हाईवे पर स्थित भारतीय स्टेट बैंक में पहुंचे और उन्होंने वहां से जानकारी की कि हमारा यह लोन क्यों दिखाया गया है जबकि हमने आपके बैंक से कोई लोन नहीं लिया है। पीड़ित किसान राम सिंह का आरोप है कि जब है बैंक मैनेजर से मिला और इस लोन के बारे में पूछा तो बैंक मैनेजर ने उसे धमकाकर वहां से भगा दिया और यह कहा कि यह लोन तुमने ही लिया है जब तुम्हारे नाम से आ रहा है जबकि किसान ने कहा कि मेरा तो यह बैंक भी नहीं लगता और ना ही मेरा यहां पर कोई खाता मैंने पहले से खुलवाया है फिर आखिर मेरा लोन जारी कैसे हो गया। पीड़ित किसान राम सिंह ने बैंक मैनेजर से कहा कि जब आपके द्वारा लोन लिया गया है तो एक फाइल बनवाई गई होगी उस फाइल को उन्हें दिखाया जाए जब किसान ने फाइल देखी तो तब उसे उसके साथ हुई धोखाधड़ी का पता चला। पीड़ित किसान राम सिंह ने देखा कि जो आईडी प्रूफ बैंक में लोन लेते समय दिए गए हैं उन पर नाम तो राम सिंह का है लेकिन उनका फोटो नहीं मिला। जो दस्तावेज लोन लेते समय जमा किए गए थे उन पर फोटो किसी और का लगाया गया था और उसी के आधार कार्ड पर किसान राम सिंह के नाम से लोन जारी किया गया था। पीड़ित किसान पर 40 बीघा भूमि है और उसी 40 बीघा कृषि भूमि पर भारतीय स्टेट बैंक द्वारा धोखाधड़ी कर साढ़े बारह लाख रुपए का लोन जारी कर दिया। पीड़ित किसान ने उक्त लोन के बारे में पता चलने पर की धोखाधड़ी से लोन किया गया है।
पीड़ित किसान कई बार फिर से बैंक मैनेजर से मिला लेकिन बैंक मैनेजर द्वारा फिर से वही बर्ताव उनके साथ किया गया। बैंक से कोई समाधान ना होता देख पीड़ित किसान ने अपनी बात किसान संगठन भारतीय किसान यूनियन के सामने रखी तो भारतीय किसान यूनियन के कार्यकर्ताओं ने भी बैंक जाकर मैनेजर से वार्ता की लेकिन मैनेजर द्वारा कोई सही जवाब न मिलने के कारण भारतीय किसान यूनियन के कार्यकर्ता बैंक के बाहर धरने पर बैठ गए और बैंक कर्मचारियों को बंधक बनाकर उस पर ताला जड़ दिया।

किसान यूनियन ने सभी ग्राहकों को बाहर निकलकर बैंक पर जड़ा ताला

भारतीय किसान यूनियन के कार्यकर्ताओं ने बैंक पर पहुंच कर जबरन बैंक में आए उपभोक्ताओं को बाहर निकाल दिया और बैंक के कर्मचारियों को अंदर बंधक बनाकर बैंक पर ताला जड़ दिया और बैंक के बाहर धरने पर बैठ गए।

पुलिस बनी रही मुखदर्शक

भारतीय किसान यूनियन के सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने बैंक बैंक में आए उपभोक्ताओं को जबरन बाहर निकालकर बैंक के कर्मचारियों को अंदर बनाकर बैंक के मेन गेट पर ताला जड़ दिया और बैंक के सामने धरने पर बैठ गए इस दौरान पुलिस भी वहां पर मौजूद रही लेकिन पुलिस ने कोई कार्यवाही नहीं की और पुलिस पूरे मामले के दौरान मुखदर्शक बनी हुई सब कुछ देखती रही।

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