मानव तस्करी विरोधी यूनिट व पुलिस की संयुक्त कार्रवाई, होटलों, ढाबों पर मारे छापे

गुलाम नवी आजाद

डीडवाना — डीडवाना शहर की होटलों व ढाबो पर काम करने वाले बाल श्रमिकों को मुक्त करवाने के लिए डीडवाना पुलिस ओर मानव तस्करी विरोधी यूनिट नागौर की संयुक्त टीम की ओर से आज अनेक होटलों व ढाबों पर छापेमारी की गई। इस दौरान होटलों पर करीब 4 बाल श्रमिकों को दस्तयाब किया गया। बाद में उन बच्चों को मुक्त करवाया जाकर उनके परिजनों के सुपुर्द किया गया।
जानकारी के अनुसार जिला पुलिस अधीक्षक विकास पाठक व अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नितेश आर्य के निर्देश पर आज दोपहर मानव तस्करी विरोधी व गुमशुदा प्रकोष्ठ के प्रभारी बंशीलाल चौहान, सदस्य मुकेश विश्नोई तथा डीडवाना थानाधिकारी जगदीश मीना, एएसआई व बाल कल्याण अधिकारी आमीन खान, एएसआई रेवंत सिंह आदि की टीम ने बस स्टैंड पर स्थित खंडेलवाल भोजनालय, राजहंस होटल ओर चौहान जूस सेंटर पर छापेमारी की कार्रवाई की। टीम की अचानक हुई कार्रवाई से होटल संचालकों व दुकानदारों में हडक़म्प मच गया। इस दौरान चार बाल श्रमिक कार्य करते हुए पाए गए, जिस पर सभी को मुक्त करवाया गया। साथ ही होटल मालिकों के खिलाफ तीन अलग-अलग प्रकरण दर्ज की गई। बाद में बाल श्रमिकों का बांगड़ अस्पताल में स्वास्थ्य परीक्षण करवाया गया। थाना अधिकारी जगदीश मीणा ने बताया कि बाल श्रमिकों को पुनर्वास के लिए चाइल्ड हेल्पलाइन द्वारा सीडब्ल्यूसी अध्यक्ष के समक्ष पेश किया जाएगा। उन्होंने बताया कि छोटे नाबालिग बालकों से श्रम करवाना कानूनी अपराध है। इसकी रोकथाम के लिए बाल श्रमिकों और भिक्षावृत्ति करने वाले बच्चों को मुक्त करने का अभियान आगे भी जारी रहेगा।

आपको बता दें कि डीडवाना शहर की होटलों के अलावा चाय की थडिय़ों व जूस की दुकानों पर ढेरों बच्चों से मजदूरी करवाई जाती है। इन बच्चों से चाय के गिलास व खाने-पीने के बर्तन धुलवाए जाते हैं। साथ ही भोजन परासने का काम भी लिया जा रहा है। बस स्टेण्ड पर स्थित दुकानों के मालिक तो इन बच्चों को भारी यातायात दबाव के बीच में बसों में पानी की बोतलें तक बेचने के लिए भेज रहे हैं। ऐसे में पुलिस ओर मानव तस्करी विरोधी यूनिट की यह कार्रवाई समय समय पर होनी चाहिए।

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