फर्जी तरीके से मदरसे में रह रहे , मदरसे से चार संदिग्ध युवक गिरफ्तार

पंकज कुमार

शामली – शामली जनपद की भवन पुलिस ने मदरसे से चार संदिग्ध युवको को गिरफ्तार कर लिया है। पकड़े गए सभी आरोपी फर्जी तरीके से मदरसे में रह रहे थे। पुलिस ने मुखबिर की सटीक सूचना पर मदरसे में छापेमारी के दौरान यह सफलता हाथ लगी है। पकड़े गए सभी युवक म्यामांर बर्मा के रहने वाले है । आरोपी सभी संदिग्ध अपनी पहचान छिपाकर यहां रह रहे थे । पुलिस ने साथ ही तीन मदरसा संचालकों को भी हिरासत में लिया हैै। फिलहाल पुलिस ने सभी आरोपियो को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। और आगे की वैधानिक कारवाही शुरू कर दी है

जानिये पहली खबर — शामली पुलिस ने मौलवी और छात्र बनकर मदरसों में रहने वाले चार विदेशी घुसपैठियों को गिरफ्तार http://www.khatanabulletin.com/archives/5537

दरअसल मामला भवन थाना क्षेत्र के कस्बा जलालाबाद का है। जहाँ से पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर छापेमारी की है। छापेमारी के दौरान पुलिस ने खुशनुमा कॉलोनी से एक संदिग्ध युवक को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए युवक का नाम अब्दुल मजीद ( रोहिंग्या ) है। जो म्यामार के गाँव ओनेगान का रहने वाला है। जो वर्ष 2001 में अपनी पिता व एक भाई के साथ बिना किसी दस्तावेजो के बांग्लादेश के नाकूरा के रास्ते से बिलोनिया बार्डर पार कर पंश्चिम बंगाल कलकत्ता में शरण ले ली थी ।वहाँ पर कुछ दिन रहने के पश्चात अब्दुल मजीद उत्तर प्रदेश के शामली में आकर रहने लगा और वर्ष 2004 में फर्जी सूचनाओं और दस्तावेजो के आधार पर पैन कार्ड , आधार कार्ड बनवा लिये , जिनके आधार पर मजीद ने SBI व PNB बैंकों में खाता खुलवाए जहाँ पर रहकर अब्दुल मजीद ने दिनी तालीम हासिल की और वर्ष 2016 मदरसा दारुल उलूम जलालाबाद में बतौर उस्ताद बच्चो को पढ़ाना शुरू कर दिया । जिसमे बाद अब्दुल माजिद ने शामली के अलग अलग मदरसों में बच्चों को तालीम दी। आरोप है कि इतने लंबे अरसे से रह रहे अब्दुल मजीद ने विदेशी पंजीकरण अधिकारियों को नही दिया और ना ही अपने वहां रहने की कोई सूचना स्थानीय पुलिस विभाग को मुहय्या कराई। इसी बीच अब्दुल मजीद ने 5 लाख 60 हजार रुपए की कीमत का एक मकान में खरीद कर रहने लगा। इसी क्रम में अब्दुल मजीद के सम्पर्क म्यामार ( बर्मा ) के रहने वाले तीन युवकों से हुआ। जो अपने पासपोर्ट वीजा पर शामली तालीम के लिए पहुंचे थे। और अवैध रूप से मदरसे में तालीम दे रहे अब्दुल मजीद के संरक्षण में पढ़ाई करने लगे। आरोपी तीन अन्य युवको के नाम रिजवान , नोमान व फुरकान हुसैन है। हिरासत में लिए गए तीनो युवकों को हिरासत में ले लिया है। पूछताछ ने निकल कर आया कि पकड़े गए तीनो संदिग्ध युवक सगे भाई है। जिनके पास से म्यामार ( रंगून ) के जारी पासपोर्ट है लेकिन वीजा की वेलिडिटी काफी पहले खत्म हो चुकी थी। पकड़े गए आरोपियो के मुताबिक वह तीनो म्यामार से मुफ़्ती की डिग्री और दिनी तालीम लेने के लिए भारत आये थे। जिन्होंने वीजा वेलिडिटी एक्सपायर होने के बाद शरणार्थी दर्जा पाने के लिए अपने नाम बदलकर संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी उच्चायुक्त कार्यालय दिल्ली में ऐप्लाई कर असायलम सीकर का प्रमाण पत्र भी हासिल कर लिया था। लेकिन हालहि में संदिग्ध सभी युवक अपना नाम परिवर्तन कर गलत तथ्यों के आधार पर यहां रह रहे थे। रिजवान का वास्तविक नाम SHINE KO KO व फुरकान का नाम WIN KO KO और नोमान का वास्तविक नाम SOE KO KO है। फिलहाल पुलिस ने चारों संदिग्ध युवकों को गिरफ्तार कर लिया है। साथ ही पुलिस ने तीन मदरसा संचालको को भी गिरफ्तार किया है। जहाँ पर रहकर के संरक्षण में पढ़ाने व पढ़ने का काम कर रहे थे। पकड़े गए मदरसा संचालको का नाम हफीयुल्ला ( मदरसा मिफ्ता उल उलूम ) व कारी अशरफ ( मदरसा अशरफिया थानाभवन ) और वासिफ अमीन मोहतमीम ( मदरसा दारुल उलूम जलालाबाद को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।.पकड़े गए संदिग्धों के कब्जे से पुलिस ने 3 पासपोर्ट , संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी नई दिल्ली से पंजीकरण प्रमाण पत्र , 4 नोट विदेशी मुद्रा म्यामार , दो भारतीय आधार कार्ड ,दो बैंक पासबुक , एक पैन कार्ड ,4 मोबाइल फ़ोन व आठ हजार 30 रुपए की नगदी बरामद कर ली है। फिलहाल पुलिस को कई अन्य अहम इनपुट भी हासिल हुए जिनके आधार पर पुलिस आगे की रणनीति तय कर रही है

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