आपदा प्रभावितों के विस्थापन में तेजी लाएं: डीएम

बागेश्वर – डीएम रंजना राजगुरु ने जिला कार्यालय में विस्थापन को लेकर एसडीएम कपकोट और कांडा के साथ बैठक की। उन्होंने आपदा प्रभावितों के विस्थापन में तेजी लाने को कहा। उन्होंने सेरी और बड़ेत में चल रहे आवासीय निर्माण कार्य जल्द पूरा कराने को कहा। अन्य स्थानों में विस्थापन के लिए की जाने वाली कार्रवाई को जल्द निपटाने के निर्देश दिए। शुक्रवार को एसडीएम प्रमोद कुमार ने बताया कि कपकोट के बड़ेत गांव में 11 प्रभावित परिवारों को तीन लाख रुपये प्रति परिवार की दर से कुल 33 लाख रुपये की धनराशि अवमुक्त की जा चुकी है। गांव में 11 प्रभावित हैं। जिसमें से पांच के आवासीय भवनों का निर्माण पूरा हो गया है। उन्हें वहां विस्थापित कर दिया गया है। बाकी छह भवनों का निर्माण कार्य चल रहा है। जल्द ही उन्हें भी विस्थापित कर दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि कुंवारी के सबसे अधिक प्रभावित 18 परिवारों के विस्थापन के लिए काम चल रहा है। 12 प्रभावितों के विस्थापन की कार्रवाई शुरू हो गई है। बाकी छह रोजगार के लिए गांव से बाहर हैं। उन्होंने डानाखरिक में शिफ्ट करने की मांग की है। जिसको लेकर तहसीलदार और भू वैज्ञानिक से जांच कराई जा रही है। बमसेरा के नेली तोक में कोई लिखित आपत्ति नहीं दी गई है। जहां पूर्व में कुंवारी के लोगों ने विस्थापन किए जाने की लिखित सहमति जताई थी। संवेदनशील गांव फुलई के पांच परिवारों के विस्थापन का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। मल्लादेश के चार परिवारों के विस्थापन के लिए भूमि की जांच भू वैज्ञानिक से कराई जा रही है। बदियाकोट के गुरगुची तोक में प्रभावित सात परिवारों ने कालो में स्वयं की नाप भूमि का चयन प्रस्तावित किया है। एसडीएम योगेंद्र सिंह ने कहा कांडा के सेरी में तीन प्रभावित परिवारों में से दो को भवन व गौशाला निर्माण के लिए तीप लाख 25 हजार रुपये की दर से साढ़े छह लाख की राशि देकर विस्थापित किया जा चुका है। एक परिवार को तीन लाख की धनराशि अवमुक्त कर दी है। प्रभावित परिवार अपनी निजी नाप भूमि में आवास निर्माण करना चाहता है। जिसकी भूगर्भीय सर्वेक्षण जांच हो चुकी है। डीएम ने विस्थापन की कार्रवाई को जल्द कर संबंधित परिवारों को पुनर्वासित कराने के निर्देश दिए। यहां एसडीएम राकेश चंद्र तिवारी, जयवर्द्धन शर्मा, तहसीलदार नवाजीज खलीक, मैनपाल सिंह आदि मौजूद रहे।

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