लोकतांत्रिक व्यवस्था और सैन्य गतिविधियों से रुबरु हुए छात्र

देहरादून – डब्लूआईसी में वॉयस ऑफ ऑनर डिफाइनिंग मिलिट्री एंड डेमोक्रेसी विषय पर शुक्रवार को कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिसमें दर्शकों को बताया गया कि देश में सैन्य और लोकतंत्र एक साथ चलकर कैसे काम करते हैं। साथ ही आजादी के बाद भारतीय सेना की उपलब्धियों पर भी विस्तार से जानकारी दी गई।

राजपुर रोड स्थित डब्लूआईसी सेंटर मे दर्शकों को संबोधित करते हुए लेटिनेंट जनरल एके चौधरी ने बताया कि उन्होंने 40 साल तक सेना में काम किया है। अपने अनुभवो को साझा करते हुए उन्होंने कहा कि आज देश में लोकतांत्रिक प्रणाली देश के अनुकूल परिपक्व रुप में विकसित हो चुकी है।
आजादी के बाद सैन्य और लोकतांत्रिक व्यवस्था का आपसी तालमेल बनाकर चलना ही लोकतंत्र की खूबी है। अपने कार्यकाल के बारे में जानकारी देते हुए उन्होंने कहा कि मणिपुर में कमांडिंग ऑफिसर के रुप में सेना की ओर से वह विशिष्ट सेवा मेडल से समानित हो चुके है। सत्र के दौरान उन्होंने दर्शकों के कई सवालों के जवाब बेबाकी से दिए। कार्यक्रम का संचालन
पेट्रोलियम और ऊर्जा अध्ययन विवि की प्रोफेसर नूपूर झा जगवान ने किया। इस दौरान बजाज इंस्टीट्यूट ऑफ लनिर्ग फॉर डेफ चिल्ड्रन, दून डिफेंस एकेडमी, दून डिफेंस कैरियर प्वाइंट,
यूथ फाउंडेश्न, ग्रांउड जीरो और दून हिल्स एकेडमी के छात्र मौजूद रहे।

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