रात में ठेको पर अब हर समय मिल रही है शराब – नीचे बैठे लोगो की लगी रहती है लाइन – एक पव्वे पर 40 रूपये अधिक की जा रही वसूली

हरिओम गिरी / रूड़की

रूड़की – शिक्षा नगरी के नाम से मशहूर रूड़की शहर में अब आप दिन के साथ-साथ रात को किसी भी समय शराब खरीद सकते है फर्क सिर्फ इतना है की दिन के मुकाबले रात को आपको एक पव्वे पर मात्र 40 रूपये अधिक देने होंगे अब इन 40 रूपये में आबकारी विभाग अधिकारी और सरकार के किन लोगो की कितनी हिस्सेदारी होगी यह कहना फिलहाल तो मुश्किल है आगे शायद ना हो !

ताजा मामला रुड़की के कलियर अड्डे पर स्थित अंग्रेजी शराब के ठेके का है जो रात को समय अनुसार ठीक 11 बजे बंद तो हो जाता है लेकिन उसकी दुकानदारी पूरी रात शटर के नीचे से जारी रहती है देर रात कलियर से लौट रहे कुछ युवको ने इस ठेके की रात को की जा रही दुकानदारी का एक वीडियो बनाया है जिसमे ठेके पर लाइन लगने जैसी स्थिति दिखाई दे रही है वीडियो में दिखाई देता है की कुछ युवक नीचे बैठकर शटर के नीचे से शराब खरीद रहे है एक युवक शराब का पव्वा लेकर निकला तो वीडियो बनाने वाले युवक ने पूछ लिया कितने का दिया है तो उसका कहना है की जो दिन में 180 रूपये का मिलता है वो अब रात को 220 रूपये का दिया है !

उत्तरखंड की भाजपा सरकार शराब को बढ़ावा देती है यह बात किसी से भी नहीं छुपी है उनकी शायद यह सोच है की राजस्व मिलना चाहिए बस तरीका चाहे वैध हो या अवैध और शायद इसीलिए अब रूड़की में शराब 24 घंटे मिलनी शुरू हो गई है यह तब है जब इस साल शराब के ठेके को रात में दस की जगह 11 बजे तक खोलने की समय सीमा तय कर दी गई है पिछले कई साल से रात को ठेका खोलने का समय 10 बजे तक ही था जो अब 11 बजे हो गया है यह नियम तो कानूनी रूप से है ठेकेदार कानून का ख्याल रखते हुए शराब की दूकान तो रात 11 बजे ही बंद कर देते है लेकिन गैरकानूनी तरीके से दूकान के शटर के नीचे से अपनी दुकानदारी जारी रखते है और इसके लिए वो एक पव्वे पर 40 रूपये अधिक वसूलते है क्योंकि उनको कोई रोक टोक करने वाला तो है नही और जो है वो इसलिए नहीं करता क्योंकि शायद इन 40 रुपयों में उसकी भी हिस्सेदारी हो !

इस वीडियो के मिलने के बाद हमने आबकारी निरीक्षक मानवेन्द्र पंवार से बात की तो उनका कहना है की अगर तय समय के बाद भी शराब बेचीं जा रही है तो वो इसकी जांच कराएंगे !

33

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *