बदहाल जनता और बेहाल सरकार, करें तो क्या करें ?

देहरादून – उत्तराखण्ड सरकार कानून व्यवस्था से लेकर अन्य सभी मामलों में एक दम फेल हो चुकी है। प्रदेश मे जहंा प्रशासनिक इकाईया अपना काम सही ढंग से नहीं कर रही है वहीं राज्य में स्वास्थ्य, पानी, सडक़ों व किसानों की हालत एक दम बदहाल हो चुकी है। जंगल जल रहे और सरकार ने मौन धारण कर रखा है।

प्रदेश कार्यालय में आयोजित प्रैस वार्ता में यह बात आज यूकेडी के कार्यवाहक अध्यक्ष दिवाकर भट्ट ने कही। उन्होने कहा कि राज्य की कानून व्यवस्था एकदम बदहाल हो चुकी है आये दिन जहा बच्चों से दुराचार के मामले सामने आ रहे है वहीं लूट की घटनाओ को भी दिन दहाड़े अंजाम दिया जा रहा है। उन्होने कहा कि इससे प्रदेश में अराजकता का माहौल पैदा हो गया है। स्वास्थ्य सेवाए खराब है। अस्पतालों में डाक्टर, नर्स व जांच के उपकरण तक नहीं है। प्रदेश में पानी का संकट गहरा गया है, जगंल आग के हवाले है। सरकार गौ सेवा व गंगा सफाई के नाम पर लोगों को गुमराह कर रही है। उन्होने कहा कि प्रधानमंत्री सडक़ योजना के नाम पर बनी सडक़ों की गुणवत्ता एकदम घटिया व निम्न स्तर की है। राज्य भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ चुका है और सरकार जीरो टालरेंस की बात कह रही है। पलायन की समस्या पर बोलते हुए उन्होने कहा कि पलायन आयोग बनाने से पलायन रूकने वाला नहीं है इसके लिए ठोस नीति बनाये जाने की जरूरत है। उन्होने कहा कि 2022 में यूकेडी सत्ता में आयी तो इन सभी समस्याओं का समाधान होगा। इस अवसर पर हरीश चन्द्र पाठक, किशन सिंह रावत, लताफत हुसैन, जय प्रकाश उपाध्याय, विजय कुमार बौड़ाई सहित कई लोग मौजूद रहे।

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