बच्चो के निवाले पर भी शिक्षकों की नजर – दाल के नाम पर पिलाया जाता है पानी – भोजन माता को बताया चोर

हरिओम गिरी/रूड़की

रूड़की – हमारे देश में भर्ष्टाचार की जड़े कितनी मजबूत हो चुकी है यह तब देखने को मिलता है जब सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले छोटे छोटे बच्चो के निवाले पर भी उनको शिक्षा देने वाले शिक्षक टेढ़ी नजर रखते है 

मामला रूड़की के माधोपुर गाँव के प्राथमिक विद्यालय का है जहाँ पर शिक्षा ग्रहण करने आये छोटे छोटे बच्चो को मिड डे मिल के अंतर्गत दिया जाने वाले खाने में उन्हें दाल के नाम पर सिर्फ पानी दिया जा रहा है भोजन माता से जब इसके बारे में पूछा जाता है तो उनका कहना है की करीब सौ बच्चो का खाना तैयार किया गया है और सिर्फ डेढ़ किलो दाल बनाई गई है जो दाल जैसे इस पानी में बिलकुल भी दिखाई नहीं देती है और बच्चे दाल जैसे दिखने वाले इस पानी को ही चावलों के डालकर खाने को मजबूर हो रहे है स्कूल पहुंचे एक पिता ने दाल और भोजन माता सहित एक शिक्षिका का वीडियो बनाया है जो अब वायरल हो रहा है

मामला 21 मई का है माधोपुर निवासी अरविन्द नाम का एक पिता जब अचानक से स्कूल पहुंचा और बच्चो को दी जा रही इस दाल को देखा तो वह भड़क गया उसने अपने फोन से दाल की वीडियो बनानी शुरू कर दी वीडियो में सुनाई देता है वो भोजन माता से पूछ रहा है की आज कितनी दाल बनाई गई है भोजन माता कहती है की आज छह गिलास दाल बनाई गई है एक गिलास में 250 ग्राम दाल आती है इतने में एक टीचर वीडियो बना रहे पिता के पास पहुंचती है और अरविन्द को कहने लगी है की स्कूल में आज प्रधानाचार्य नहीं है आप बाद में आना अरविन्द वीडियो बनाना जारी रखता है तो शिक्षिका अपना चेहरा छुपाते हुए वहां से निकल जाती हैं तभी दूसरी शिक्षिका वहां पहुँचती है और अरविन्द से मामले की जानकारी लेती है अरविन्द जब कहता है की बच्चो को दाल की जगह पानी दिया जा रहा है तो शिक्षिका भड़क जाती है और कहती है की तुमको किसने बताया की डेढ़ किलो दाल बनाई गई है अरविन्द ने शिक्षिका को बताया की भोजन माता का कहना है जी आज डेढ़ किलो दाल बनाई गई है तो इतने में शिक्षिका भोजन माता को अनपढ़ और चोर होने का आरोप लगाने लगती है तभी दाल से भरा एक अलग बर्तन वीडियो में दिखाई जिसके बारे में वीडियो में सुनाई दे रहा है की यह दाल पहले से ही निकाल ली गई है जब भोजन माता से अलग निकाली गई दाल के बारे में पूछा जाता है तो वो सफाई देते हुए कहती है की यह दाल भी बच्चो के लिए ही निकाली गई है

वीडियो को देखकर लगता है की सरकारी स्कूलों की स्थिति बहुत ज्यादा खराब हो चुकी है मिड डे मील की बात करे तो एक तो पहले से ही दाल कम बनाई गई फिर भोजन माता के द्वारा उसमे से भी चोरी कर ली गई बच्चो को मिल रहा है तो सिर्फ पानी हमने वीडियो में दिखाई दे रही शिक्षिका से बात की तो उनका कहना था की यह वीडियो एक पिता के द्वारा बनाई गई थी उस दी स्कूल में करीब 145 बच्चे आये थे वीडियो के बारे में हमने कई बार उप खण्ड शिक्षा अधिकारी से जानकारी लेनी चाही लेकिन उनसे मुलाक़ात नहीं हो पाई वीडियो बनाने वाले अरविन्द ने का कहना है की जिस तरह की दाल बच्चो को दी जा रही है उससे बच्चो की तबियत कभी भी खराब हो सकती है इसीलिए जानकारी मिलने पर वो स्कूल पहुंचे थे और वीडियो बनाई थी 

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