भाजपा की सरकार में इन्साफ के लिए भटक रहा आर आर एस का कार्यकर्ता – मुख्यमंत्री से लेकर सांसद तक के यहाँ लगा चूका चक्कर- जानिए पूरा मामला


हरिओम गिरी/ खटाना बुलेटिन

रूड़की – उत्तराखंड की भाजपा सरकार के राज में आर एस एस का एक कार्यकर्ता अरुण सैनी पिछले दो साल से इन्साफ के लिए भटक रहा है अरुण सैनी मुख्यमंत्री से लेकर हरिद्वार सांसद और ना जाने कितने भाजपा विधायक और मंत्रियों के यहां चक्कर लगा चूका है सभी जगह से उसे आश्वासन तो मिला लेकिन इन्साफ नहीं मिल पाया है भाजपा सरकार में एक आर एस एस के सक्रिय कार्यकर्ता के साथ अगर ऐसा हो रहा है तो आम लोगो का क्या हाल होगा

पीड़ित अरुण सैनी हरिद्वार के सिडकुल स्थित हीरो मोटोकॉर्प कंपनी में पिछले दस सालो से बड़ी ही ईमानदारी के साथ काम करता था अरुण ने कंपनी के मैनेजमेंट पर आरोप लगाया की कंपनी से उन्हें दो साल पहले गलत तरीके से सस्पेंड कर दिया गया था जिसकी शिकायत वो लगातार सम्बंधित से करते आ रहे है लेकिन उनको इन्साफ नहीं मिल पाया है 

अरुण सैनी ने बताया की दो साल पहले कंपनी के कुछ कर्मचारी एक यूनियन तैयार करने जा रहे थे कंपनी के अधियकारियो को जब इसकी जानकारी हुई तो उन्होंने कंपनी में कंपनी के खिलाफ कर्मचारियों की कोई यूनियन तैयार ना हो इसीलिए कंपनी के अधिकारियो ने गैर आधिकारिक तौर पर अपनी एक यूनियन तैयार करने का मन बनाया और यूनियन बनाने की जिम्मेदारी कुछ दबंग कर्मचारियों को दे दी

अरुण सैनी ने आरोप लगाया की दबंग कर्मचारियों ने एक रजिस्टर तैयार किया और अपनी यूनियन से जोड़ने के लिए कर्मचारियों के हस्ताक्षर कराने शुरू कर दिए इस काम के लिए दबंग कर्मचारियों में इतनी जल्दबाजी थी की वो कर्मचारियों को कहीं भी पकड़ कर हस्ताक्षर करा रहे थे और अगर कर्मचारी से मुलाक़ात नहीं हो पाई तो वो उसके घर भी पहुँच रहे थे इसी के चलते दबंग कर्मचारी रूड़की से सटे सलेमपुर गाँव स्थित अरुण के घर भी पहुंचे और अरुण के बारे में पूछा तो अरुण की पत्नी के कहा की अरुण तो बाजार गए है अरुण की पत्नी की बात से करीब तीस किलोमीटर दूर से आये दबंग कर्मचारी संतुष्ट नहीं हुए और जबरदस्ती घर में घुस अरुण को ढूंढने लगे अंजान लोगो को जबरदस्ती घर में घुसता देख अरुण की पत्नी ने शोर मचा दिया जिसके बाद ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई और ग्रामीणों ने दबंग कर्मचारियों की धुनाई कर दी और पुलिस को बुलाकर उन्हें पुलिस के हवाले कर दिया

गंगनहर पुलिस ने दोनों पक्षों की ओर से मुकदमा दर्ज कर अपनी कार्यवाही शुरू कर दी अरुण ने आरोप लगाया की दबंग कर्मचारी क्योंकि कंपनी के आदेश पर ही उसके घर पहुंचे थे इसीलिए उनकी शिकायत पर अरुण को कंपनी से सस्पेंड कर दिया गया दबंग कर्मचारियों का कहना था की अरुण ने उन्हें अपने घर बुलाया और जान बूझकर उनके साथ मारपीट कराई है सस्पेंड होने के बाद अरुण ने सम्बंधित अधिकारियो से गलत तरीके से सस्पेंड करने की शिकायत की थी और अरुण का दावा है की किसी भी अधिकारी के सामने कंपनी और दबंग कर्मचारी यह साबित नहीं कर पाए है की मैने उनको घर बुलाया है फिर भी उन्हें कुछ दिन पहले नौकरी से हटा दिया गया है संघ का कार्यकर्ता होने के कारण वो मुख्यमंत्री,सांसद,कई मंत्रियो और विधायकों से मिल चुके है लेकिन उनको इन्साफ नहीं मिल पाया है

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