ऑपरेशन से नहीं बल्कि नॉर्मल हो महिलाओ की डिलीवरी इसीलिए यह संगठन कर रहा ऐसा काम – जानिए क्या है ख़ास ?

रूड़की – गर्भवती महिलाओं की ज्यादातर डिलीवरी नॉर्मल हो सके इसके लिए अब सोसाइटी ऑफ़ मिडवाइस इंडिया ( सोमी ) नाम का एक संगठन सामने आया है यह संगठन देश के लगभग सभी राज्यों में निजी अस्पतालों में जाकर डॉक्टरों से संपर्क कर उनका उनके सहयोग से लोगो को जागरूक करने का कार्य कर रहा है उत्तराखंड में यह जिम्मा क्वाड्रा इंस्टीट्यूट ऑफ़ मेडिकल साइंस की वाइस प्रिन्सिपल नवनीता आर कुमार को मिला है जिन्होंने आज भगवती अस्पताल से इस अभियान की शुरुआत की है
नवनीता आर कुमार ने बताया की आज के समय में ऑपरेशन के द्वारा की जा रही डिलीवरी के कई कारण है कुछ महिला ऐसी भी होती है जो डिलीवरी के समय दर्द महसूस करना नहीं चाहती और ऑपरेशन के द्वारा डिलीवरी करा लेती है तो कुछ लोग मुहूर्त देखकर डिलीवरी कराना चाहती है इनके अलावा कई और भी कारण है जिससे ऑपरेशन के द्वारा डिलीवरी कराने की संख्या लगातार बढ़ रही है पहले हमारे देश में ऑपरेशन से डिलीवरी करीब डेढ़ प्रतिशत ही होती थी जो अब बढ़कर करीब तीस प्रतिशत पहुँच गई है ऑपरेशन से डिलीवरी कराने के बाद महिलाओ को लम्बे समय काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है ऑपरेशन से डिलीवरी कराने के बाद महिलाओ की रीड की हड्डी में काफी समय तक दर्द रहता है वो ज्यादा समय तक खड़ी नहीं रह सकती है वजन भी नहीं उठा सकती है 

रुड़की के क्वाड्रा हॉस्पिटल और भगवती हॉस्पिटल की डॉ. मनीषा अग्रवाल ने आज इस संगठन का पूरा समर्थन किया है सोमी उत्तराखंड प्रदेश अध्यक्ष श्रीमति नवनीता ने बताया कि उत्तराखंड में इस जाग्रति को बढ़ाने और नार्मल डिलीवरी सुरक्षित डिलीवरी के लिए प्रदेश भर में हस्ताक्षर अभियान शुरू किया गया है जिसमें अधिक से अधिक लोगो और डॉक्टरों के हस्ताक्षर करा कर सोमी नेशनल अध्यक्ष श्रीमति मिताली अधिकारी द्वारा राष्ट्रपति महोदय को ज्ञापन के माध्यम से भेजा जाएगा श्रीमती नवनीता ने सोमी के इस अभियान से जुड़ने ओर सहयोग करने वाले सभी डॉक्टर आशा,नर्स और महिलाओ का आभार व्यक्त किया और बताया कि डिलीवरी प्रकिया नार्मल प्रकिर्या है जिसे कराने के लिए मिडवाइफ को परमिशन दी जा रही है जिसके बाद मिडवाइफ सरलता से डिलीवरी करा सकेंगी

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