पौराणिक मन्दिर है इसकी सुरक्षा करना समाज और सरकार दोनों का काम है: हरिचेतनानन्द गिरि

हरिद्वार – माता अंजनीदेवी चैरिटेबल ट्रस्ट द्वारा द्वितीय हनुमान जन्मोत्सव व सम्मान समारोह नील पर्वत पर आसीन माँ अंजनी के पुत्र हनुमान जी के प्रांगण में बड़ी धूम-धाम से मनाया गया। हनुमान जन्मोत्सव को सम्बोधित करते हुए मुख्य अतिथि महामण्डलेश्वर स्वामी हरिचेतनानन्द गिरि जी महाराज ने कहा कि राम काज के बिना कहां मुझे विश्राम यह श्री हनुमान जी उद्देश्य लेकर चले थे। हनुमान जी का अवतार श्रीराम से पहले हुआ था स्वामी से पहले सेवक का जन्म हुआ था। उन्होंने कहा कि हनुमान जी ने अपने नाम रूप को छुपाकर सेवा की थी परन्तु आज लोग सेवा को छापकर विज्ञापन करते हैं। सेवा को कस्तूरी बताते हुए कहा कि खुलने पर इसकी सुगंध उड़ जाती है, और सेवा की कोई जाति नहीं होती है। उन्होंने कहा कि यह एक पौराणिक मन्दिर है इसकी सुरक्षा करना समाज और सरकार दोनों का काम है। पौराणिक स्थलों के संरक्षण से ही भारतीय संस्कृति भी जिन्दा रहेगी। महन्त ललितानन्द गिरि जी महाराज ने कहा कि मनुष्य को सरल सहज स्वभाव से देशहित एवं समाजहित में भगवान हनुमान जी की प्रेरणा रूपी शक्ति से कार्य करने चाहिए। नियमित रूप से जीवन में हनुमान चालीसा व सुन्दरकाण्ड करने से मनुष्य को हनुमान जी की शक्ति प्राप्त होती है जिससे वह राम काज के कार्यो को करते हुए राम राज्य की स्थापना में लगे रहते हंै। वरिष्ठ समाज सेवी विमल कुमार ने कहा कि अंजनी देवी चेरिटेबल ट्रस्ट के अध्यक्ष महन्त सतीश गिरि द्वारा माँ अंजनी के दरबार में हनुमान जन्मोत्सव का कार्यक्रम आयोजित कर हरिद्वार वासियों को ही नहीं अपितु देश के कोने कोने से आये भक्तजनों को भी इस पुण्य अवसर का लाभ प्राप्त होगा क्योंकि आज का दिन बड़ा ही शुभ दिन है। हनुमान जी के जप मात्र से ही मनुष्य के सभी संकट क्षण मात्र में दूर हो जाते

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