किसानों को जैविक खेती के लिए प्रशिक्षित करेगा उद्यान विभाग

रुडकी – परंपरागत कृषि विकास योजना के अंतर्गत किसानों को जैविक खेती करने के लिए बढ़ावा दिया जाएगा। उद्यान विभाग किसानों को जैविक खेती के लिए प्रशिक्षित करेगा। किसानों को जैविक खेती करने के लिए कृषी यंत्र, फसलों के बीज आदि सुविधाएं दी जाएगी।जैविक खेती करने को लेकर किसानों को प्रोत्साहित करने के लिए उद्यान विभाग ने तैयारियां शुरू कर दी है। रुडक़ी ब्लॉक के अंर्तगत छह गांवों के किसानों को इस योजना के तहत लाभ दिया जाएगा। इस योजना का मुख्य उदेश्य अजैविक खेती से होने वाले नुकसान को कम कर जैविक खेती को बढ़ावा देना है। किसानों को स्वयं सेवी संगठन के माध्यम से जैविक खेती करने के लाभ, खेती करने के तरीके, उत्पादन आदि के बारे में जागरूक किया जाएगा। रहमतपुर, सालियर, दौलतपुर, मेहवडक़ला मुलदासपुर,धनौरी जैसे गांवों को परंपरागत कृषि विकास योजना की सूची में शामिल किया गया है। फसलों में कीटनाशक दवाइयों के अधिकांश उपयोग से स्वास्थय संबधी परेशानी को देखते हुए जैविक खेती पर जोर दिया जा रहा है। इसमें परंपरागत खाद के रूप में किसानों को गोबर का संरक्षण करने के लिए गड्ढों को बनवाया जाएगा। जिसके लिए किसानों को पांच हजार रुपये की आर्थिक सहायता इस योजना के तहत दी जाएगी। रुडक़ी उद्यान विभाग केन्द्र प्रभारी एनके सिंह ने बताया कि परंपरागत कृषि विकास योजना का मुख्य उदेश्य किसानों को जैविक खेती करने के प्रति जागरूक करना है। साथ ही कीटनाशक दवाईयों के उपयोग से स्वास्थय पर होने वाले दुष्प्रभाव को कम करना है।

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