विजन शुद्ध और कलात्मक होना चाहिए: विनोद कुमार

हरिद्वार – गुरुकुल कांगड़ी विश्वविद्यालय के अभियांत्रिकी एवं प्रौद्योगिकी संकाय में तीन दिवसीय ज्ञानाग्नि कार्यक्रम का शुभारम्भ किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि हरिद्वार जनपद के अपर जिलाधिकारी (ए0डी0एम0) डॉ0 ललित नारायण मिश्रा ने कहा कि देश में यदि कोई क्रान्ति ला सकता है तो वह है इंजीनियर। इंजीनियर प्रत्येक विधा में अपने को निखारने का काम करता है। इंसान में एक कला होती है कि वह सृजनात्मकता के माध्यम से अपने व्यक्तित्व को निखारे। उन्होंने कहा कि वर्तमान का युग संचार क्रान्ति से जुड़ चुका है। जिस तरह से कलाम ने विजन को लेकर काम शुरू किया था उस काम को गुरुकुल कांगड़ी विश्वविद्यालय के इंजीनियरिंग के छात्र आगे बढ़ाने का काम कर सकते हैं । आज अलग अलग विधाओं में प्रतिभाशाली व्यक्तित्व समाज के सामने आ रहे हैं , जो समाज और देश को नवीन आविष्कारों से जोडऩे का काम कर रहे हैं। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो0 विनोद कुमार शर्मा ने कहा कि इंजीनियरिंग के छात्रों को इस तरह के आविष्कार करने चाहिए जिससे हमारी संस्था का नाम गिनी चुनी संस्थाओं में स्थापित हो सके। उन्होंने कहा कि जिस छात्र का विजन स्पष्ट होता है उसका भविष्य बहुत आगे तक बढ़ता है। विधाएं बस चुनने का माध्यम होती है, फिर उस विधा के अन्तर्गत काम करना होता है। विजन शुद्ध और कलात्मक होना चाहिए जिस तरह से हमारे देश को अब्दुल कलाम ने एक विजन देकर देश में विकास का पहिया आगे बढ़ाया था। विश्वविद्यालय के कुलसचिव प्रो0 दिनेश चन्द्र भट्ट ने कहा कि यह विश्वविद्यालय इंजीनियरिंग की शिक्षा देने के साथ बच्चों को एक अच्छा मानव बनाने की शिक्षा भी देता है। इस विश्वविद्यालय में अच्छे इंजीनियर बनने के साथ देश और समाज की सेवा में अपना भरपूर योगदान देते हैं। स्वामी श्रद्धानन्द जी की मानव बनाने की पहली पाठशाला हैं,जहा पर छात्रों को वैदिक मन्त्रों के द्वारा यज्ञ करना सिखाया जाता हैं। अभियात्रिंकी एवं प्रौद्योगिकी संकाय के संकायाध्यक्ष डा0 सुनील पंवार ने कहा कि प्रत्येक वर्ष संकाय के छात्रों द्वारा ज्ञानाग्नि का कार्यक्रम के अन्तर्गत रोबोटिक्स (फास्टेस्ट लाईन फ्लावर, रोबा रेस, रोबो सोस्सर), चिपर, एक्स गंसिस, एप-डाई, वेइ,एनओपीसी, हाइड्रोरिसर, टिंकर्र, टावर क्रेन, इलेक्ट्रीसिओ, ब्रेन बजर्स जैसे टैक्नीकल इवेंट प्रस्तुत किए गए। ज्ञानाग्नि कार्यक्रम के समन्वयक डा0 मयंक अग्रवाल ने कहा कि इंजीनियरिंग के छात्रों द्वारा तकनीकि इवेंट के साथ-साथ नॉन तकनीकी इवेंट भी किए जा रहे है। बहुत से छात्रों ने अच्छी पेंटिंग बनाई है, अद्भुत अब्दुल कलाम का चित्र बनाया है क्रिडा के क्षेत्र में अलग-अलग तरह से खेल खेलें हैं। इस तरह के कार्यक्रमों से छात्रों के अन्दर नवीन ऊर्जा का संचार होता है। इंजीनियरिंग के छात्र जिन्दगी में कुछ अलग तरह का करना चाहते है उनके लिए गीत-संगीत जैसे कार्यक्रम भी होना आवश्यक है। संजीव लाम्बा ने सभी आगन्तुकों का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का संचालन डा0 धर्मेन्द वालियान ने किया। इस अवसर पर प्रो0 ईश्वर भारद्वाज, डा0 विपुल शर्मा, डा0 एम0एम0तिवारी, डा0 देवेन्द्र सिंह, अजय कुमार, लोकेश जोशी, सुयश भारद्वाज, निशान्त कुमार, अगम गोयल, तनुज गर्ग, अपूर्व कौशिक, कुलभूषण शर्मा इत्यादि उपस्थित रहे।

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