पॉलिग्राफिक टेस्ट से भी नही मिली हत्याकांड खुलासा में मदद

रुडकी – कुन्हारी के बुजुर्ग नूरहसन की हत्या के मामले में कराए गए पॉलिग्राफिक टेस्ट की रिपोर्ट करीब ढाई महीने बाद आखिरकार पुलिस को मिल गई है। परंतु हत्याकांड के खुलासे में रिपोर्ट से भी कोई मदद नहीं मिल पाई है। पिछले साल 24 जुलाई को आम के बाग में सो रहे नूरहसन की गला रेतकर हत्या कर दी गई थी। लक्सर की सुल्तानपुर चौकी के कुन्हारी गांव निवासी नूरहसन (65) पुत्र बुंदू हसन ने पिछले साल पास के टिक्कमपुर गांव के एक किसान का आम का बाग ठेके पर ले रखा था। 24 जुलाई की रात को अज्ञात बदमाशों ने गला काटकर उसकी हत्या कर दी थी। उसका शव बाग के पास स्थित ज्ञान सिंह के मकान में मिला था। पुलिस तभी से मृतक के बेटे की तरफ से मुकदमा दर्ज कर हत्यारों की शिनाख्त की कोशिश कर रही है। इसी के चलते पुलिस ने ज्ञान सिंह के परिवार के तीन लोगों का पॉलिग्राफिक टेस्ट कराने की कोर्ट से अनुमति ली थी। अनुमति के बाद 16 जनवरी 2019 में पुलिस ने तीनों को दिल्ली सीबीआई मुख्यालय ले जाकर उनका पॉलिग्राफिक टेस्ट कराया था। टेस्ट के करीब ढाई महीने के बाद आखिरकार सीबीआई मुख्यालय ने पॉलिग्राफिक टेस्ट की रिपोर्ट लक्सर पुलिस को भेज दी है। परंतु टेस्ट की रिपोर्ट से भी पुलिस को हत्याकांड के खुलासे में कोई मदद नहीं मिल पा रही है। कोतवाल विरेंद्र सिंह नेगी ने बताया कि संदेह के आधार पर टिक्कमपुर गांव के तीन लोगों का पॉलिग्राफिक टेस्ट कराया गया था। उसकी रिपोर्ट आ गई है। टेस्ट के दौरान तीनों से कई सवाल पूछे गए थे। उन्होंने जो जवाब दिए हैं, उनसे हत्या करने वालों के बारे में कोई सटीक जानकारी नहीं मिल पाई है। बताया कि मामले में कुछ और बिंदुओं पर विवेचना कर हत्यारों का पता लगाने की कोशिश की जा रही है।

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