मिल प्रबंधन पर मुआवजा और मृतक के परिवार के एक सदस्य को नौकरी देने के वादे से मुकरने का आरोप

रुडकी – महीने भर पूर्व लक्सर चीनी मिल के टैंकर में डूबने से मरे युवक के परिजनों और ग्रामीणों ने शुक्रवार को लक्सर चीनी मिल पहुंचकर हंगामा किया। उन्होंने मिल प्रबंधन पर मुआवजा और मृतक के परिवार के एक सदस्य को नौकरी देने के वादे से मुकरने का आरोप लगाते हुए मिल के गेट बंद कर वहीं धरने पर बैठ गए। लक्सर क्षेत्र के पीपली गांव निवासी देशराज का पुत्र पंथ 24 लक्सर चीनी मिल की डिस्टलरी से निकलने वाले कैमिकल युक्त गंदे पानी की निकासी के लिए चलाए जा रहे एक ट्रैक्टर का चालक था। तीन मार्च को वह अपने ट्रैक्टर में गंदा पानी भरने के लिए मिल परिसर में स्थित टैंकर पर गया था। इसी दौरान दुर्घटनावश वह टैंकर में गिर गया, जिससे उसकी मौत हो गई थी। उसकी मौत के बाद लोगों ने कई घंटे तक मिल में हंगामा किया था। बाद में मृतक के परिवार के एक सदस्य को मिल में नौकरी देने और पांच लाख के मुआवजे के लिखित आश्वासन पर दोनों पक्षों का समझौता हो गया था। शुक्रवार दोपहर बाद भीम आर्मी के सैकड़ों कार्यकर्ता मृतक के परिजनों के साथ मिल परिसर में पहुंचे तथा फिर से हंगामा शुरू कर दिया। उनका कहना था कि मिल प्रबंधन लिखित समझौते की एक भी शर्त को पूरा नहीं कर रहा है। अभी तक मृतक के परिजनों को न तो मुआवजे की रकम का भुगतान किया गया है और न ही उसके परिवार के किसी सदस्य को नौकरी देने की कार्यवाही शुरू की है। उनका आरोप था कि मुआवजा और नौकरी देने के काम में मिल प्रबंधन रोजाना नया अड़ंगा लगा रहा है। भीम आर्मी के पदाधिकारियों ने मिल के महाप्रबंधक को मौके पर आकर वार्ता करने की मांग की, लेकिन मिल का कोई अधिकारी या कर्मचारी मौके पर नहीं पहुंचा। इससे नाराज भीम आर्मी के लोगों ने मिल के दोनों गेट बंद कर दिए हैं और वहीं धरने पर बैठ गए हैं। खबर लिखे जाने तक उनका धरना जारी है। उनका कहना है कि जब तक लिखित समझौते की दोनों मांग पूरी नहीं होगी तब तक वे धरने से नहीं हटेंगे।

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