राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अप्रवासी कामगारों को दिया झटका

नई दिल्ली ——–

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप  ने नए साल के मौके पर अप्रवासी कामगारों को बड़ा झटका दिया है। ट्रंप ने वर्क वीजा पर पहले से लगे प्रतिबंधों को तीन महीने के लिए बढ़ा दिया है। अब ये प्रतिबंध 31 मार्च 2021 तक प्रभावी रहेंगे। ट्रंप ने उस एग्जीक्यूटिव ऑर्डर पर दस्तखत किए जिसमें कोरोनो वायरस महामारी के कारण वर्क वीजा संबंधी प्रतिबंधों को बढ़ाने का जिक्र है। डोनाल्ड ट्रंप के इस कदम को व्हाइट हाउस से जाते-जाते अमेरिकियों को लुभाने की आखिरी कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है। डोनाल्ड ट्रंप ने इस संबंध में कहा कि अमेरिका के श्रम बाजार और अमेरिकी समुदायों के स्वास्थ्य पर कोरोना का प्रभाव चिंता का विषय है। उन्होंने बेरोजगारी दर, राज्यों द्वारा व्यवसायों पर लागू प्रतिबंध और कोरोनो संक्रमण के बढ़ने का हवाला देते हुए कहा कि सभी बातों में ध्यान में रखते हुए अप्रवासियों यानी इमीग्रेंट्स को मिलने वाले वर्क वीजा पर फिलहाल राहत नहीं दी जा सकती। वर्क वीजा पर लगे प्रतिबंध 31 मार्च तक प्रभावी रहेंगे। ट्रंप प्रशासन ने पहली बार वर्क वीजा पर बैन अप्रैल से जून तक लगाया था। बाद में जून में इसे बढ़ाकर 31 दिसंबर तक कर दिया गया। अब जब अप्रवासियों को प्रतिबंधों के खत्म होने की उम्मीद थी तो ट्रंप ने उन्हें करारा झटका देते हुए बैन को तीन महीने और बढ़ा दिया। कहा जा रहा है कि ट्रंप ने ये फैसला इसलिए लिया है ताकि अमेरिकी नागरिकों को ज्यादा नौकरियां और अवसर मिलें। राष्ट्रपति के इस कदम से ग्रीन कार्ड के लिए अप्लाई करने वालों को भी दिक्कत होगी, उन्हें अब मार्च तक इंतजार करना पड़ेगा। बैन को तीन महीने बढ़ाने का मतलब है कि अस्थायी तौर पर रोजगार की तलाश में अमेरिका जाने वाले लोगों को मार्च तक इंतजार करना होगा। अमेरिकी सरकार के इस फैसले का प्रभाव एच-1ठ वीजा पर भी होगा, जो तकनीकी क्षेत्र के लोगों के बीच काफी लोकप्रिय है। इसके अलावा, जे-1 वीजा, जो सांस्कृतिक आदान-प्रदान के लिए जारी किए जाते हैं, एच-1 बी और एच-2 बी धारकों के जीवनसाथी के लिए वीजा, और कंपनियों के लिए एल वीजा जो अमेरिका में कर्मचारियों को स्थानांतरित करने के लिए जारी किए जाते हैं, को भी निलंबित किया गया है। गौरतलब है कि डोनाल्ड ट्रंप ने जून में ही कहा था कि महामारी की वजह से अमेरिकी लोगों के रोजगार छिन रहे हैं। लिहाजा, हम हर वो फैसला लेंगे, जो अमेरिका और अमेरिकी लोगों के हित में होगा।

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