डीआईजी ने फरार मामा के पीछे दौड़ाई पुलिस, आरोपी गिरफ्त से बाहर

संदीप चौहान ——

हरिद्वार —-

पीड़ित परिवार के घर मंत्री व नेताओं का पहुंचने का सिलसिला जारी —

— ऋषिकुल कॉलोनी में बालिका की दुष्कर्म के बाद हत्या मामले में फरार आरोपी के सात दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस के हाथ खाली हैं। एसओजी सहित पुलिस की आठ टीमें भी फरार आरोपी को कोई सुराग नहीं लगा सके हैं। फरार आरोपी की गिरफ्तारी पर सरकार द्वारा एक लाख का इनाम की घोषणा की गयी है। हरिद्वार में हुई दिल दहलाने वाली घटना को शासन-प्रशासन सहित सरकार भी गम्भीरता से ले रही है। घटना की कमान गढ़वाल डीआईजी को सौंपी गयी है। जिनकी निर्देशन में स्थानीय पुलिस काम कर रही है। जबकि पुलिस ने फरार आरोपी पर शिकंजा कसने के लिए उसके खिलाफ न्यायालय से गैर जमानती वारंट भी लिए गये हैं। वहीं घटना के फरार आरोपी की गिरफ्तारी को लेकर लोगों में आक्रोश है। वहीं पीड़ित परिवार के घर पर राजनीतिक नेताओं व समाजिक संगठनों का संत्वना देने का क्रम लगातार जारी है।

इसी क्रम में जनपद प्रभारी मंत्री सतपाल महाराज भी पीड़ित परिवार के घर पहुंचकर अपनी संवेदना प्रकट करते हुए फरार आरोपी की जल्द गिरफ्तारी और दोषियों को कड़ी सजा दिलवाने का भरोसा दिलाया है। बताते चले कि नगर कोतवाली स्थित ऋषिकुल कॉलोनी में 20 दिसंबर को 11 साल की बालिका की दुष्कर्म के बाद हत्या की घटना ने समाज में रहने वाले हर तबके को झकझोर कर रख दिया है। वारदात में शामिल मुख्य आरोपी राम तीरथ यादव पुलिस की गिरफ्तार कर लिया था। लेकिन मुख्य आरोपी का मामा राजीव मौके का फायदा उठाकर फरार होने में कामयाब रहा था। जिस पर पुलिस को गुमराह करने, घटना को छुपाने और शव को ठिकाने लगाने का प्रयास का आरोप है। उसके पुलिस की मौजूदगी में फरार हो जाने को लेकर पुलिस को भी लोगों के गुस्से का सामना करना पड़ रहा है। आला अधिाकारियों के निर्देश पर फरार आरोपी की गिरफ्तारी के लिए एसओजी सहित आठ पुलिस टीमों का गठन कर उसकी तलाश में लगाया गया है। लेकिन घटना के छह दिन बीत जाने के बाद भी फरार आरोपी पुलिस की गिरफ्तारी से दूर है। इतना ही नहीं पुलिस के तमाम प्रयासों के बावजूद उसका सुराग तक नहीं लगा पायी है। जिसको लेकर क्षेत्रवासियों में भारी आक्रोश है, कई सामाजिक संगठन बालिका के हत्यारों को फांसी की मांग कर सड़क पर उतर आए हैं। पुलिस फरार आरोपी को तो गिरफ्तार नहीं कर पा रही पर जो घटना के विरोध में प्रदर्शन कर रहे हैं, उनके खिलाफ पुलिस उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर रही है। पुलिस प्रशासन के इस कार्यवाही को लेकर जहां स्थानीय नगारिकों में रोष है तो वही विपक्षी राजनीति दलों सहित समाजिक संगठन भी पुलिस की इस कार्यवाही को जायज नहीं ठहरा रहे हैं। घटना को लेकर शासन-प्रशासन सहित सरकार गम्भीर है तभी तो सरकार ने फरार आरोपी की गिरफ्तारी का इनाम 20 हजार से बढ़ाकर एक लाख कर दिया। घटना को लेकर गढवाल डीआईजी नीरू गर्ग को घटना की कमान सौंपी गयी। जिन्होंने 23 दिसंबर की रात को हरिद्वार पहुंचकर सीसीआर टॉवर में जनपद के आला अधिकारियों से वार्ता कर घटना की प्रगति रिपोर्ट के बारे में जानकारी ली थी, 24 दिसंबर को डीआईजी ने पीड़ित परिवार से मिलकर संवेदना प्रकट करते हुए सांत्वना देते हुए भरोसा दिलाया था कि जल्द ही फरार आरोपी को गिरफ्तार कर लिया जाएगा, लेकिन अभी तक पुलिस टीमें भी फरार आरोपी का सुराग तक नहीं लगा सकी है। पुलिस टीमें भी सात दिन बाद भी किसी नतीजे पर नहीं पहुंची हैं। फरार आरोपी राजीव कुमार मूल रूप से सुल्तानपुर उत्तर प्रदेश का रहने वाला आखिर परिवार के साथ कहां छिप गया, जिसको पुलिस की आठ टीमें भी नहीं तलाश पा रही है। वहीं विभिन्न राजनीति दलों के नेताओं व समाजिक संगठनों के पदाधिकारियों का पीड़ित परिवार के घर पहुंचकर अपनी सवेंदना प्रकट करने का सिलसिला जारी है। अब तक केन्द्रीय शिक्षा मंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक, कैबिनेट मंत्री एवं स्थानीय विधायक मदन कौशिक, पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह और शनिवार को जनपद प्रभारी मंत्री सतपाल महाराज आदि जा चुके हैं।

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