किसानों के फायदे और भारतीय कृषि को मजबूती देने के लिए लाए गए कृषि अधिनियम-मंत्री तोमर

नई दिल्ली —–

केन्द्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने फॉरेन करस्पॉन्डंट्स क्लब ऑफ साउथ एशिया से जुड़े अंतरराष्ट्रीय मीडिया के सदस्यों के साथ संवाद करते हुए कहा कि कृषि क्षेत्र भारतीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ है और प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में मुख्य रूप से 2022 तक किसानों की आमदनी दोगुनी करने पर जोर रहेगा। उन्होंने बताया कि कृषक उपज व्यापार और वाणिज्य (संवर्धन और सरलीकरण) अधिनियम 2020, कृषक (सशक्तिकरण और संरक्षण) कीमत आश्वासन और कृषि सेवा पर करार अधिनियम 2020 और आवश्यक वस्तु संशोधन अधिनियम 2020 देश में अभी तक के सबसे बड़े कृषि सुधार हैं। सुधारों से किसानों को बाजार स्वतंत्रता, उद्यमशीलता को प्रोत्साहन, तकनीक उपलब्धता सुनिश्चित होगी और इनसे कृषि में व्यापक बदलाव होगा। उन्होंने कहा कि एक बड़े लोकतंत्र के रूप में भारत “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास” के सिद्धांत पर काम करता है।

           कृषि मंत्रालय के अधिकारियों ने कृषि अधिनियमों के प्रावधानों और इनसे किसानों को कैसे फायदा होगा और कैसे नई व्यवस्था में भारतीय कृषि में सुधार होगा, के बारे में बताया। केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि सुधार कानूनों को लागू करने का फैसला रातोंरात नहीं लिया गया था, बल्कि इससे दो दशक से ज्यादा वक्त तक इस पर विचार विमर्श हुआ था, तमाम विशेषज्ञों द्वारा सुझाव और विभिन्न समितियोंध्समूहों द्वारा सिफारिशें दी गई थीं। एमएसपी के संबंध में मंत्री ने कहा कि एमएसपी एक प्रशासनिक फैसला है और यह जारी रहेगा। मोदी सरकार ने कई बार बढ़ोतरी के साथ एमएसपी को लेकर अपनी स्पष्ट प्रतिबद्धता दिखाई है और 2020-21 के खरीफ सत्र के साथ ही कुल खरीद में कई गुना बढ़ोतरी की है। मोदी सरकार ने ऐसे फॉर्मूले के आधार पर एमएसपी में बढ़ोतरी का ऐलान किया, जिससे किसानों को उत्पादन लागत की तुलना में कम से कम 1.5 गुनी कीमत मिले। यह वादा किया गया था और इसे पूरा भी किया गया। कृषि मंत्री ने कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय द्वारा बीते छह साल में किए गए विभिन्न उपायों और सुधारों को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि भारतीय कृषि ने भोजन की कमी से खाद्यान्न सरप्लस तक का लम्बा सफर किया है। इस प्रकार सरकार को एहसास हुआ था कि किसान हितैषी सुधार अर्थव्यवस्था की रीढ़ इस सेक्टर के उत्थान के लिए आवश्यक हैं। क्षेत्र को मजबूत बनाने के लिए जरूरी किसान अनुकूल नीतियों का एक इकोसिस्टम तैयार करने का हर प्रयास किया जा रहा है। केन्द्र सरकार ने फरवरी, 2019 में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पीएम-किसान) की शुरुआत की थी, जिसके तहत लाभार्थी किसान के खाते में हर साल तीन किस्तों में 6,000 रुपये हस्तांतरित किए जाते हैं। इस योजना की शुरुआत के बाद से, अभी तक कुल 95,979 करोड़ रुपये की धनराशि जारी की जा चुकी है और 10.59 करोड़ किसान परिवारों का इसका लाभ मिला है।

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