‘उड़ान’ के तहत बेलगाम-सूरत-किशनगढ़ रूट पर प्रथम उड़ान को दिखाई हरी झंडी

नई दिल्ली —–

भारत सरकार की आरसीएस-उड़ान (क्षेत्रीय संपर्कता योजनादृ उड़े देश का आम नागरिक) के तहत बेलगाम (कर्नाटक) से सूरत (गुजरात) से किशनगढ़ (अजमेर) के लिए प्रथम उड़ान को झंडी दिखाकर रवाना किया गया। इस अवसर पर नागर विमानन मंत्रालय और भारतीय विमानपत्‍तन प्राधिकरण के अधिकारी उपस्थित थे। ‘उड़ान’ के तहत देश के महानगरों के साथ टियर-2 और टियर-3 नगरों को विमान संपर्क प्रदान करने को लेकर सरकार के उद्देश्‍य के साथ तालमेल कायम करते हुए सूरत-किशनगढ़-बेलगाम रूट पर उड़ानों की शुरुआत की गई है।

‘उड़ान’ योजना के तहत 300 से अधिक रूटों को संचालित किया गया है और इस योजना के तहत यह 303वें रूट का शुभारंभ है। संपर्क से वंचित क्षेत्रों को जोड़ने के अपने निरंतर प्रयास में, स्‍टार एयर को पिछले वर्ष उड़ान-3 निविदा प्रक्रिया के दौरान बेलगाम-सूरत-किशनगढ़ रूट सौंपा गया था। आम लोगों के लिए किफायती और पहुंच योग्‍य किराया रखने के लिए ‘उड़ान’ योजना के तहत एयर लाइनों को व्‍यवहार्यता अंतर वित्‍तपोषण (वीजीएफ) प्रदान किया जाता है। एयरलाइन इस रूट पर सप्‍ताह में तीन उड़ानों का संचालन करेगा और अपने 50 सीटर एम्‍ब्रायर-145 विमान का इस्‍तेमाल करेगा। एयरलाइन द्वारा यह 20वें उड़ान रूट की शुरुआत है।

इस रूट पर विमान संपर्क कायम करना, आस-पास के निवासियों की बहुप्रतीक्षित मांगों में से एक है। लोग अक्‍सर प्रसिद्ध नवग्रह मंदिर, अजमेर शरीफ दरगाह, पुष्‍कर झील, फूलमहल पैलेस, किशनगढ़ स्थित रूपनगढ़ किलाआदि देखने जाते हैं। इसके अलावा इस नगर को भारत की मार्बल सिटी के रूप में भी जाना जाता है और यह लाल मिर्च का एक बड़ा बाजार है। अब तक बेलगाम से किशनगढ़ तक परिवहनकीकोई सीधी व्‍यवस्‍था नहीं थी। पर्यटक आगरा तक रेलगाड़ी से जाने और फिर किशनगढ़ पहुंचने के लिए बस लेने के लिए बाध्‍य थे।इसी प्रकार, सड़क मार्ग से यात्रा पूरी करने में 25 घंटे से अधिक समय लगता था।

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