एनजीटी ने दिल्ली में वन विभाग में सुधार का दिया निर्देश

नई दिल्ली ——

राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण (एनजीटी) ने दिल्ली पर्यावरण के संरक्षण और कानून के नियमों के सार्थक क्रियान्वयन के लिए वन विभाग में सुधार का संबंधित प्राधिकारियों को निर्देश दिया है। एनजीटी चेयरपर्सन जस्टिस आदर्श कुमार गोयल की अध्यक्षता वाली पीठ ने वन विभाग के प्रधान मुख्य वन संरक्षक द्वारा पदों के भरने के मुद्दे पर दाखिल रिपोर्ट का संज्ञान लिया है।

रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली सरकार ने चार वन रेंजर्स, 211 वन गार्ड और 11 वन्यजीव गार्ड समेत 226 पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू की है। ये भर्तियां दिल्ली अधीनस्थ सेवा चयन बोर्ड (डीएसएसएसबी) और वन एवं वन्यजीव विभाग द्वारा कराई जा रही है। मानव संसाधन विकास मंत्रालय के आधीन ईडीसीआईएल इंडिया लिमिटेड को 14 नवंबर 2019 को ऑनलाइन टेस्ट और आकलन का काम सौंपा गया था। वन रेंजर्स और वन्यजीव गार्ड के पदों के लिए ऑनलाइन भर्ती परीक्षा 15-16 मार्च 2020 को कराई गई।

वन गार्डों के लिए ऑनलाइन परीक्षा 18-24 अप्रैल के बीच होनी थी लेकिन कोरोना वायरस महामारी के चलते इसे स्थगित कर दिया गया था।  याचिकाकर्ता आदित्य एन प्रसाद ने रिपोर्ट का विरोध करते हुए कहा कि दिल्ली में कोई राज्य वन सेवा नहीं है, न ही पदोन्नति के लिए फीडर कैडर है और न ही सहायक वन संरक्षक का कोई पद है। उन्होंने पदों की भर्ती प्रक्रिया में सुस्ती पर भी चिंता जताई। हालांकि एनजीटी ने कहा कि मुख्य मुद्दा अधिकार है। याचिकाकर्ता के अन्य मुद्दों को दिल्ली सरकार पर छोड़ देने चाहिए। आम आदमी पार्टी की सरकार ने एनजीटी को कहा था कि वनों के बेहतर संरक्षण के लिए वन विभाग में इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत किया जा रहा है और स्टाफ की संख्या बढ़ाई जा रही है।

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