मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने भारत का 8वां उत्पादक बेसिन-बंगाल बेसिन राष्ट्र को किया समर्पित

नई दिल्ली —–

आत्मनिर्भर भारत के लिए ऊर्जा आवश्यकताओं की पूर्ति के क्रम में जारी प्रयासों के अंतर्गत पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस तथा इस्पात मंत्री ने धर्मेंद्र प्रधान ने भारत के 8वें उत्पादन बेसिन-बंगाल बेसिन को राष्ट्र को समर्पित किया। धर्मेंद्र प्रधान ने अशोकनगर तेल खोज एवं उत्पादन क्षेत्र को राष्ट्र को समर्पित करते हुए कहा कि यह खोज भारत की ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करेगी। उन्होंने कहा कि यह खोज प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी के तेल आयात पर निर्भरता को कम करने के आह्वान की प्रतिबद्धताओं को पूरा करने में महत्वपूर्ण होगी।

मंत्री प्रधान ने कहा कि इस खोज से लगभग 7 दशकों से जारी भारतीय वैज्ञानिकों और इंजीनियरों के अथक प्रयासों का फल मिलने लगेगा और पश्चिम बंगाल के वृहद विकास के लिए एक नई उम्मीद पैदा होगी। उन्होंने कहा कि बंगाल बेसिन अब आखिरकार विश्व के तेल एवं गैस उत्पादन वाले क्षेत्रों के नक्शे पर स्थान प्राप्त करेगा। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारत सरकार पश्चिम बंगाल के भूगर्भ से तेल और गैस उत्पादन के लिए इस टर्निंग पॉइंट को यथार्थ रूप देने में ओएनजीसी को पूरा सहयोग देगी ताकि पश्चिम बंगाल और राज्य के लोगों के लिए संपन्नता का एक नया दौर शुरू हो और स्थानीय लोगों के लिए रोजगार सृजन हो। उन्होंने आगे कहा कि इस उत्पादन बेसिन का राष्ट्र को औपचारिक समर्पण का आज का दिन राष्ट्रीय गौरव का दिन है और पश्चिम बंगाल की धरती का भारत को एक उपहार है। बंगाल बेसिन में 24 परगना जिले के अशोकनगर-एक कुएं से तेल उत्पादन शुरू करने के साथ ओएनजीसी ने एक बड़ा कदम आगे बढ़ाया है। अशोकनगर-1 भारत सरकार द्वारा जारी किए अग्रिम मुद्रीकरण योजना के अंतर्गत एक तेल उत्पादक के रूप में पूर्ण हुआ था। इसके साथ ही भारत के निर्धारित 8 उत्पादन बेसिन में से ओएनजीसी की अब 7 में खोज पूरी हो चुकी है और उत्पादन शुरू कर दिया गया है, जो भारत के स्थापित तेल एवं गैस रिजर्व का 83 प्रतिशत है। ओएनजीसी भारत की सबसे बड़ी तेल एवं गैस उत्पादन कंपनी है, जो देश के कुल हाइड्रोकार्बन उत्पादन का 72 प्रतिशत उत्पादन करती है। अशोकनगर-1में तेल खोज के अथक प्रयासों की अब समाप्ति हो गई है और और उत्पादन शुरू हो गया है। क्षेत्र से ओएनजीसी द्वारा उत्पादित पहले हाइड्रोकार्बन कंसाइनमेंट को 5 नवंबर,2020 को आईओसीएल के हल्दिया तेल शोधन कारखाने में परीक्षण के लिए भेजा गया था।

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