दिल्ली बॉर्डर पर जान गंवाने वाले किसानों की याद में मनाया गया श्रद्धांजलि दिवस

नई दिल्ली —

तीन कृषि कानूनों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे किसानों का आंदोलन रविवार को 25वें दिन में प्रवेश कर गया। दिल्ली बॉर्डर पर जान गंवाने वाले किसानों को देशभर में अलग-अलग जगहों पर सामगम आयोजित करके श्रद्धांजलि दी गई। ऑल इंडिया किसान सभा (एआईकेएस) ने दावा किया कि 26 नवंबर से जारी विरोध प्रदर्शनों में भाग लेने वाले 33 किसानों की मौत दुर्घटनाओं, बीमारी और ठंड की वजह से हो चुकी है।

एआईकेएस के अनुसार, जान गंवाने वाले किसानों को श्रद्धांजलि देने के लिए रविवार को देश के विभिन्न हिस्सों में श्श्रद्धांजलि दिवसश् मनाया गया है। प्रदर्शन कर रहे किसान संगठनों ने कहा कि वे अपना अगला कदम अगले दो तीन दिनों में तय करेंगे। किसान नेता शिव कुमार कक्का ने कहा कि रणनीति तय करने के लिए यूनियनों के बीच चर्चा चल रही है। उन्होंने कहा कि वे इस मामले पर कानूनी राय भी ले रहे हैं।

कक्का ने कहा कि हमारी बैठकें अगले कदम के लिए हो रही हैं। हम उम्मीद करते हैं कि अगले दो-तीन दिनों में, हमारे समक्ष यह स्पष्टता होगी कि हमें अदालत द्वारा सुझाई गई समिति का हिस्सा होना चाहिए या नहीं। एक अन्य नेता बलबीर सिंह ने कहा कि किसान तब तक अपना विरोध प्रदर्शन समाप्त नहीं करेंगे जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं हो जाती। बलबीर सिंह ने कहा कि हम एक लंबी लड़ाई के लिए तैयार हैं। हम अपने अधिकारों के लिए यहां आए हैं।

हम अदालत के आदेश के बाद अपना रुख तय करने की प्रक्रिया में हैं। बता दें कि किसान आंदोलन का मामला सुप्रीम कोर्ट में पहुंच गया है। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में एक समिति बनाने को कहा है। साथ ही कोर्ट ने किसानों से कहा कि आपको प्रदर्शन करने से नहीं रोक रहे हैं लेकिन सड़कें जाम न की जाएं, क्योंकि दूसरे लोगों के अधिकारों का भी ध्यान रखा जाना चाहिए।

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