ममता का साथ छोड़ने वाले बागी शुभेंदु अधिकारी को डर, फंसाया जा सकता है झूठे केस में

कोलकाता —-

बंगाल की सियासत में सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है। विधायक पद से इस्तीफा देने के बाद तृणमूल कांग्रेस के बागी नेता शुभेंदु अधिकारी को डर सता रहा है कि ममता सरकार अब उनसे बदला ले सकती है। शुभेंदु ने इस्तीफे के बाद कहा है कि उन्हें डर है कि उनका राजनीति रुख बदलने के बाद अब पश्चिम बंगाल की पुलिस उन्हें फर्जी और झूठे आपराधिक मामलों में फंसा सकती है। अधिकारी ने इस संबंध में पश्चिम बंगाल के राज्यपाल जगदीप धनकर को चिट्ठी लिख मदद मांगी है। राज्यपाल जगदीप धनकर ने यह चिट्ठी ट्वीट की है। इस चिट्ठी में शुभेंदु अधिकारी ने लिखा है, श्संवैधानिक रूप से इस राज्य के मुखिया से मदद मांगने के लिए मैं विवश हूं ताकि राज्य की पुलिस और प्रशासन को राजनीतिक कारणों और प्रतिशोध की भावना से मुझे और मेरे सहयोगियों को आपराधिक मामलों में फंसाने से रोका जा सके।श् अधिकारी ने कहा, श्मेरे बदले राजनीतिक रुख की वजह से अब वे लोग मुझसे बदला ले सकते हैं जो प्रशासन तंत्र में हैं।श् इस चिट्ठी के जवाब में राज्यपाल धनकर ने उन्हें सहयोग देने का आश्वासन दिया है।

बता दें कि इससे पहले राज्य के क्रिमिनल इन्वेस्टिगेशन डिपार्टमेंट ने 2019 के एक हत्या के मामले में टीएमसी छोड़ बीजेपी का हाथ थामने वाले बंगाल के कद्दावर नेता मुकुल रॉय पर भी मामला दर्ज किया था। उन पर भारतीय दंड संहिता की धारा 302 (हत्या) और 120बी (आपराधिक षड्यंत्र का हिस्सा) के तहत केस दर्ज किया गया था।  बता दें कि पूर्वी मेदिनीपुर जिले में नंदीग्राम निर्वाचन क्षेत्र से विधायक शुभेंदु अधिकारी ने पिछले महीने राज्य मंत्रिमंडल से इस्तीफा दे दिया था और वह पिछले कुछ समय से पार्टी नेतृत्व से दूरी बरत रहे थे। वह बुधवार शाम राज्य विधानसभा आए और विधानसभा के सचिव को अपना इस्तीफा सौंपा। शुभेंदु अधिकारी ने 2009 में नंदीग्राम में वाम मोर्चा की सरकार के खिलाफ भूमि अधिग्रहण विरोधी आंदोलन में ममता बनर्जी की मदद की थी और इसके बाद तृणमूल कांग्रेस 2011 में सत्ता में आई। अधिकारी से जुड़े सूत्रों के मुताबिक एक या दो दिनों में उनके पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से भी इस्तीफा देने की संभावना है और आने वाले दिनों में वह भाजपा से जुड़ सकते हैं।

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