ऑनलाइन भुगतान और घर-घर जाकर वित्तीय सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में ‘डाकपे’ दोगुना मजबूत सेवा

नई दिल्ली —-

डाक विभाग (डीओपी) और इंडिया पोस्ट पेमेन्ट्स बैंक (आईपीपीबी) ने एक वर्चुअल कार्यक्रम के माध्यम से ‘डाकपे’ नाम के एक नए डिजिटल पेमेन्ट ऐप को लॉन्च किया। देशभर के प्रत्येक नागरिक और विशेषरूप से अंतिम छोर पर मौजूद लोगों तक वित्तीय सेवाएं उपलब्ध कराने के अपने प्रयासों के तहत इस ऐप को लॉन्च किया। ‘डाकपे’ केवल एक डिजिटल पेमेन्ट ऐप नहीं है, बल्कि देशभर में फैले डाक विभाग के व्यापक नेटवर्क के माध्यम से इंडिया पोस्ट और आईपीपीबी द्वारा प्रदान की जाने वाली डिजिटल वित्तीय और सहायक बैंकिंग सेवाओं का एक समूह है, जिसका उद्देश्य समाज के विभिन्न वर्गों की वित्तीय जरूरतों को पूरा करना है। अपने प्रियजनों को पैसा भेजना (डोमेस्टिक मनी ट्रांसफर-डीएमटी), क्यूआरकोड को स्कैन कर विभिन्न सेवाओं के लिए दुकानदार को भुगतान करना (यूपीआई सुविधा और वर्चुअल डेबिट कार्ड), बायोमेट्रिक के माध्यम से नकदरहित व्यवस्था को सक्षम बनाना, किसी भी बैंक के ग्राहकों को अंतर-बैंकिंग सेवाएं प्रदान करना(एईपीएस), जरूरी सेवाओं के बिलों का भुगतान जैसी तमाम सेवाओं का लाभ इस ऐप के माध्यम से लिया जा सकता है।

          ऐप के लॉन्च कार्यक्रम के दौरान संचार एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कोविड-19 के दौरान एईपीएस के माध्यम से घर-घर जाकर लोगों को वित्तीय सहायता प्रदान करने के लिए इंडिया पोस्ट पेमेन्ट्स बैंक की सराहना की। उन्होंने कहा कि आईपीपीबी के इस प्रयास से बैंक की पहुंच से दूर या जिनका बैंक में खाता नहीं है, उनको वित्तीय रूप से सशक्त बनाने में मदद मिली है। ‘डाकपे’ के लॉन्च की घोषणा करते हुए केन्द्रीय संचार, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी और विधि एवं न्यायमंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि “इंडिया पोस्ट राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन के दौरान अपनी डिजिटल और अन्य सेवाओं के जरिए देश की सेवा करने के मामले में समय की कसौटी पर खरा उतरा है। डाकपे ऐप के शुरू होने से हर घर तक पहुंच रखने वाले इंडिया पोस्ट विभाग की विरासत में एक और अध्याय जुड़ गया है। इस नई सेवा से न केवल बैंकिंग और डाक उत्पादों की ऑनलाइन सुविधा तक पहुंच बढ़ेगी, बल्कि इसकी एक ख़सियत ये है कि इसके माध्यम से ग्राहक डाक विभाग की वित्तीय सेवाओं का ऑनलाइन ऑर्डर करने के अलावा अपने घर पर ही इन सेवाओं का लाभ ले सकते हैं।

मुझे पूरा भरोसा है कि देशभर में फैले डाक विभाग के व्यापक नेटवर्क के जरिए संयुक्त रूप से ऑनलाइन पेमेन्ट और वित्तीय सेवाओं की होम डिलिवरी के रूप में डाक विभाग और आईपीपीबी की ये दोगुना शक्ति वाली सेवाएं प्रधानमंत्री के वित्तीय समावेशन और आत्मनिर्भर भारत अभियान की दिशा में बड़ी उपलब्धि होंगे। इस अवसर पर सचिव (डाक) और आईपीपीबी बोर्ड के अध्यक्ष प्रदिप्ता कुमार बिसोई ने कहा कि “डाकपे भुगतान का काफी सरलतरीका है, जो ग्राहकों को ऐप अथवा डाकिए की सहायता से बैंकिंग और पेमेन्ट उत्पाद तथा सेवाओं की सुविधा प्रदान करता है। डाकपे पूरी तरह से भारतीय ऐप है, जिसे प्रत्येक भारतीय की वित्तीय जरूरतों को पूरा करने के लिए तैयार किया है।

156

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *