नीति आयोग ने ‘विजन 2035रू भारत में जन स्वास्थ्य निगरानी’ श्वेत पत्र जारी किया

नई दिल्ली ——-

नीति आयोग ने ‘विजन 2035 रू भारत में जन स्‍वास्‍थ्‍य निगरानी’ नाम से एक श्‍वेत पत्र जारी किया। भारत की जन स्‍वास्‍थ्‍य निगरानी प्रणाली को अधिक प्रतिक्रियाशील और भविष्‍योन्‍मुखी बनाकर हर स्‍तर पर कार्रवाई करने की तैयारी को बढ़ाना। नागरिकों के अनुकूल जन स्‍वास्‍थ्‍य निगरानी प्रणाली ग्राहक फीडबैक तंत्र तैयार कर व्‍यक्ति की निजता और गोपनीयता को सुनिश्चित करेगी।

केन्‍द्र और राज्‍यों के बीच बीमारी की पहचान, बचाव और नियंत्रण को बेहतर बनाने के लिए एक संशोधित आंकड़ा भागीदारी तंत्र बनाएगी। ऐसी जन स्‍वास्‍थ्‍य आपदा जिसपर अंतर्राष्‍ट्रीय स्‍तर पर चिंता पैदा होती है, के प्रबंधन के लिए भारत क्षेत्रीय और वैश्विक नेतृत्‍व प्रदान करने का लक्ष्‍य रखता है।

यह श्‍वेत पत्र नीति आयोग के उपाध्‍यक्ष डॉ. राजीव कुमार, सदस्‍य (स्‍वास्‍थ्‍य) डॉ. विनोद के.पॉल, मुख्‍य कार्यकारी अधिकारी अमिताभ कांत और अतिरिक्‍त सचिव डॉ. राकेश सरवाल ने जारी किया। यह ‘विजन 2035 रू भारत में जन स्‍वास्‍थ्‍य निगरानी’ स्‍वास्‍थ्‍य प्रणाली को मजबूत बनाने के लिए किये जा रहे कार्य की ही अगली कड़ी है। यह व्यक्तिगत इलेक्ट्रॉनिक स्वास्थ्य रिकॉर्ड को निगरानी का आधार बनाकर यह सुझाव देती है कि निगरानी किस तरह की जाए। जन स्वास्थ्य निगरानी वह महत्वपूर्ण कार्य है जो प्राथमिक, माध्यमिक और तृतीयक स्तर पर देखभाल मुहैया कराता है। निगरानी ‘कार्रवाई के लिए सूचना’ देती है।

कोविड -19 महामारी ने हमें वह अवसर प्रदान किया है, जिसमें मानव-पशु-पर्यावरण के बीच बढ़ते सम्‍पर्क के चलते बीमारियों के उभरने पर ध्‍यान दिये जाने की जरूरत है। इस सम्‍पर्क की शीघ्र पहचान संक्रमण के फैलाव की श्रृंखला को तोड़ने के लिए और एक लचीली निगरानी व्‍यवस्‍था बनाने के लिए जरूरी है, यह विजन दस्‍तावेज इसी दिशा में एक कदम है।

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