कुम्भ मेले की सफलता के लिए सामाजिक संस्थाओं का सहयोग जरूरीः दीपक रावत

sandeep chauhan ——

— हरिद्वार —–

देवभूमि धर्मशाला प्रबंधक सभा के पदाधिकारियों ने संरक्षक अनिरूद्ध भाटी के नेतृत्व में आगामी कुम्भ मेले की व्यवस्थाओं को लेकर सीसीआर टावर में कुम्भ मेलाधिकारी दीपक रावत से भेंटकर मेले की व्यवस्थाओं में धर्मशालाओं के योगदान विषय पर चर्चा की और धर्मशालाओं के प्रबंधकों की ओर से पूर्ण सहयोग के आश्वासन के साथ मेला प्रशासन से मेले की व्यवस्थाओं के दृष्टिगत आने वाली परेशानियों के समाधान और सुविधाओं की मांग करते हुए ज्ञापन सौंपा। इस अवसर पर देवभूमि धर्मशाला प्रबंधक सभा के संरक्षक अनिरूद्ध भाटी ने कहा कि हरिद्वार तीर्थनगरी की गैर राजनीतिक अग्रणीय संस्था देवभूमि धर्मशाला प्रबंधक सभा है जो वर्षों से धर्मशालाओं के प्रबंधकों और प्रशासन के बीच सेतु का कार्य करती चली आ रही है। उन्होंने कुम्भ मेलाधिकारी दीपक रावत से आगामी कुम्भ मेले में धर्मशालाओं के कर्मचारियों को आने-जाने के लिए शासन की ओर से पास देने की मांग की। साथ ही जो धर्मशालाएं जीर्ण-शीर्ण अवस्था में हैं उन्हें प्रशासन की ओर से सहायता राशि अनुदान देकर यात्रियों को ठहराने के लिए उपयोग में लाने का सुझाव दिया। देवभूमि धर्मशाला प्रबंधक सभा के अध्यक्ष कैलाश शर्मा, महामंत्री शंकर पाण्डे ने कुम्भ मेलाधिकारी दीपक रावत से कुम्भ मेला अवधि में विभिन्न धर्मशालाओं में चलने वाले अन्न क्षेत्रों के लिए सस्ते सरकारी राशन की व्यवस्था करने की मांग की। इस अवसर पर संस्था के पदाधिकारी भुवनचन्द्र पुनेठा, राजेश अवस्थी आदि ने कुम्भ मेलाधिकारी दीपक रावत को स्मृति चिन्ह, शॉल भेंटकर उनका अभिनन्दन किया। देवभूमि धर्मशाला प्रबंधक सभा के पदााधिकारियों को आश्वासन देते हुए कुम्भ मेलाधिकारी दीपक रावत ने उनके द्वारा दिये गये सुझावों को उपयोगी बताते हुए कहा कि कुम्भ मेले की सफलता के लिए सामाजिक संस्थाओं का सहयोग जरूरी है। देवभूमि धर्मशाला प्रबंधक सभा तीर्थनगरी हरिद्वार की धर्मशालाओं का प्रतिनिधित्व करती है इस कारण इस संस्था का उत्तरदायित्व बढ़ गया है। संस्था द्वारा जो सुविधाएं और सहयोग मांगा गया है उस पर विचार कर अमल में लाने का प्रयास किया जायेगा। इस अवसर पर मुख्य रूप से देवभूमि धर्मशाला प्रबंधक सभा के अध्यक्ष कैलाश शर्मा, महामंत्री शंकर पाण्डे, संरक्षक अनिरूद्ध भाटी, संजय वर्मा, भुवनचन्द्र पुनेठा, राजेश अवस्थी आदि उपस्थित रहे।

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