डॉ. गोयल क्लीनिक पर उपचार के दौरान छात्र की मौत,परिजनों का क्लीनिक पर हंगामा

हरिद्वार
निजी चिकित्सक के घर स्थित क्लीनिक पर उपचार के दौरान छात्र की मौत हो गयी। जिसको लेकर पीडित परिजनों ने जमकर हंगामा किया। आरोप हैं कि चिकित्सक ने छात्र को ओवर डोज इंजेक्शन देने से मौत हुई है। जबकि चिकित्सक भी इस बात को स्वीकार कर रहा है कि उसने ट्रिपल डोज दी, लेकिन इंजेक्शन से छात्र की मौत होने से इंकार किया है। पीड़ित परिवार की ओर से चिकित्सक पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए पुलिस से शिकायत की गयी है। प्राप्त जानकारी के अनुसार छात्र हरदीप रावत पुत्र जगतराम रावत (17) निवासी तुलसी चैकी मायापुर हरिद्वार को मंगलवार की रात से उल्टी की शिकायत थी। जिसको उसके पिता बुधवार की सुबह उपचार के लिए डॉ. रमेश गोयल के गोविन्दपुरी ज्वालापुर स्थित घर के क्लीनिक ले गये। बताया जा रहा है कि जहां पर डॉ. रमेश गोयल के बेटे डॉ. योगेश गोयल ने छात्र का उपचार शरू किया। आरोप हैं कि डॉ. योगेश गोयल द्वारा उल्टी को रोकने के लिए एक इंजेक्शन दिया, जिसके बाद छात्र की तबीयत बिगड़ गयी। जिसको देखते ही डॉ. योगेश गोयल के होश उड़ गये और वह अपनी कार से ही छात्र को शहर के मध्य स्थित निजी हॉस्पिटल ले जाया गया। जहां पर चिकित्सकों ने छात्र का चेकअप करने के बाद उसको मृत घोषित कर दिया। आरोप है कि छात्र की मौत हो जाने के बाद डॉ. योगेश गोयल वहां से चुपचाप घर लौट आये। पीड़ित पिता बेटे के शव को लेकर घर पहुंचा, जहां बेटे की मौत को लेकर कोहराम मच गया। घटना की जानकारी लगते ही पीडित पिता अपने शुभचितंकों के साथ मायापुर चैकी पहुंचे। जहां पर पुलिस ने मामला रेल चैकी बातते हुए वहां भेज दिया। लेकिन पीड़ित परिजनों सहित शुभचिंतकों ने छात्र की मौत के लिए चिकित्सक को जिम्मेदार ठहराते हुए उसके जमना पैलेस के सामने स्थित क्लीनिक पहुंचे। लेकिन चिकित्सक को परिजनों के वहां पहुंचने की भनक लगते ही क्लीनिक बंद कर घर चले गये। जहां पर पीड़ित परिवार ने अपने शुभचिंतकों के साथ उनके गोविन्दपुरी स्थित आवासीय क्लीनिक पहुंचकर जमकर हंगामा काटा और छात्र की मौत के लिए चिकित्सक को जिम्मेदार ठहराया है। पीड़ित पिता जगतराम रावत ने बताया कि उसके बेटे को रात से उल्टी की शिकायत थी। जिस पर वह बेटे को लेकर सुबह डॉ. गोयल के गोविन्दपुरी स्थित आवास क्लीनिक पहुंचा। बेटा खुद स्कूटी चलाकर चिकित्सक के आवास पर पहुंचा था। जहां पर चिकित्सक ने उनको खुद बोला था कि ट्रिपल डोज इंजेक्शन दे दिया है, जल्द आराम आ जाएगा। आरोप है कि चिकित्सक की ओवर डोज इंजेक्शन से ही बेटे की तबीयत बिगड़ी और निजी हॉस्पिटल के चिकित्सकों ने उसको मृत घोषित कर दिया। वहीं चिकित्सक डॉ. योगेश गोयल कहना हैं कि छात्र को 102 बुखार और उल्टी की शिकायत थी और उसको काफी कमजोरी थी। उनके द्वारा ट्रिपल डोज का इंजेक्शन दिया गया था, ताकि उसकी उल्टी जल्द बंद हो जाए। लेकिन इंजेक्शन के बाद अचानक मरीज की हालत बिगडी, जिसको लेकर वह खुद उसके पिता के साथ अपनी कार से निजी हॉस्पिटल ले गया। जहां उसको चेकअप के बाद चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। लेकिन डॉ. योगेश गोयल ने स्पष्ट किया है कि मरीज की मौत उनके इंजेक्शन से नहीं हुई है।

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