चीनी विस्तारवाद के खिलाफ मिलकर लड़ेंगे भारत और अमेरिका

नई दिल्ली

चीन की विस्तारवादी मानसिकता और पड़ोसियों के साथ साजिश रचने वाले कृत्यों के खिलाफ भारत और अमेरिका एकजुट हैं। अमेरिका में जो बाइडेन के नेतृत्व में नई सरकार बनने जा रही है और उन्होंने अपनी नई टीम का ऐलान भी कर दिया है। जो बाइडेन की सरकार में विदेश मंत्री का पदभार संभालने वाले एंटनी ब्लिंकेन ने चीनी सरकार को कड़ी चेतावनी दी। एंटनी ब्लिंकेन ने चीन की साजिशों और विस्तारवादी मानसिकता पर प्रहार करते हुए कहा कि भारत और अमेरिका विस्तारवादी चीन के रूप में एक समान चुनौती का सामना कर रहे हैं। लिहाजा, इस मुद्दे पर नई दिल्ली को अमेरिका का एक अहम साझेदार होना चाहिए। ब्लिंकेन का यह बयान ऐसे समय आया है जब भारत और चीन सीमा विवाद में उलझे हुए हैं। बता दें कि जो बाइडन ने ब्लिंकेन को विदेश मंत्री बनाया है और सीनेट की विदेश संबंध समिति की मंजूरी के बाद ब्लिंकेन माइक पोम्पिओ का स्थान लेंगे।

भारत के साथ मिलकर काम करेगा अमेरिका एंटनी ब्लिंकेन ने कहा कि चीन को लेकर उसकी रणनीति पहले से ज्यादा आक्रामक होगी और बीजिंग की चुनौतियों से निपटने के लिए वह भारत के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलेगी। निर्वाचित अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन द्वारा अपनी टीम में शामिल किए गए एंटनी ब्लिंकेन चीन को स्पष्ट चेतावनी दी। अमेरिका की भावी सरकार का मानना है कि ओबामा-बाइडेन प्रशासन के दौरान हमने भारत को हिंद प्रशांत रणनीति में महत्वपूर्ण योगदान देने वाला सदस्य बनाने के लिए कड़ी मेहनत की थी। हिंद प्रशांत में नियम-आधारित व्यवस्था बनाए रखने और मजबूत करने के लिए समान विचारधारा वाले देशों के साथ काम करने में भारत की भूमिका अहम है। गौरतलब है कि अमेरिका के पूर्व राजदूत रिचर्ड वर्मा के एक सवाल के जवाब में ब्लिंकेन ने कहा कि राष्ट्रपति के तौर पर बाइडन हमारे लोकतंत्र को नवीनकृत करने के लिए और भारत जैसे करीबी साझेदारों के साथ काम करेंगे।

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