लोगो के जी का जंजाल बना शादियो का जश्न

हरिद्वार – वैवाहिक समारोहों का सिलसिला शुरू होंने से शहर का यातायात रेंगने को मजबूर हो गया है। हरिद्वार के बीच अलग अलग मुख्य मार्गो पर बने वैवाहिक स्थल नगरवासियो के लिए समस्या कारण बन गये है। शादियो के सीजन मे तमाम बैंक्वेट में आजकल शादी समारोह आयोजित हो रहे है। नित दिन शादियां हो रही है। खुशियो का यह दौर नगरवासियो के जी का जंजाल बना गया है। रात में हरिद्वार स्थित दुकानो केे ज्वालापुर निवासी स्वामी हो या अलग अलग क्षेत्रों में रात आठ नौ बजे से लेकर दस बजे तक काम करने वाले लोग हर कोई जाम की समस्या से जूझ रहा हैं। नगर के सर्वाधिक व्यस्तम क्षेत्र चन्दाचार्य चैक से लेकर ज्वालापुर रेलवे रोड आर्य नगर एवं अन्य मार्गा पर बिना पार्किग व्यवस्था के बने बैंक्वेड हाल में आयोजित होने वाले खुशी के समारोह आम आदमी के दुख का प्रमुख कारण बन गये हैं।
नगर के अलग अलग हिस्सों में बने विवाह मंडल और नर्सिग होम चिकित्सालयों कि स्वीकृति देते समय पार्किग व्यवस्था की आवश्यकता को पूरी तरह नजर अंदाज कर दिया गया हैं। शहर के सर्वाधिक व्यस्त क्षेत्र रानीपुर मोड चन्द्राचार्य चैक स्थित एक निजी चिकित्सालय की एम्बुलेंस और चिकित्सालय आने वाले रोगियों के परिजनो के दोेेे पहियो और चार पहिया वाहन मुख्य मार्ग पर पार्क दिये जाने से मार्ग इतना सकरा हो जाता हैं। कि बडे वाहन के गुजरने का रास्ता नहीं रहता। रेलवे पुलिस चैकी ज्वालापुर के आस पास चार वैवाहिक स्थिल हैं। लेकिन किसी निजी पार्किग नहीं हैं। जिसे कारण विवाह समारोह के दौरान सडक पर वाहन पार्क किये जाने से जाम लग जाता हैं। कभी कभी सभी विवाह मंडपों में समारोह होने से बुरा हाल हो जाता हैं। रेलवें पुलिस चैकी से पीठ बाजार जाने वाले मार्ग पर दो विवाह मंडप है उनकी भी पार्किग नहीं है ज्वालापुर रेलवे फाटक और आर्यनगर से मध्य हरिद्वार तक बने एक बैंक्वेट हाल को छोडकर किसी की पार्किग नहीं हैं। कभी कभी तो मध्य हरिद्वार से लेकर ज्वालापुर तक सभी बैंक्वेट हाल में वैवाहिक समारोह का संयोग बन जाता हैं। उन दिनों में सडकों पर जाम की क्या स्थिति होती है यह भुगतने वाला ही जानता है।
आम जनता में इस बात को लेकर रोष हैं। कि बैंक्वेट हाल स्वामी /संचालक और निर्माण स्वीकृति देने को अधिकृत एचआरडीए की लापरवाही की खामियाजा आम आदमी को भुगतना पडता है। पुलिस भी ऐसे मौकों पर मूक दर्शक बनी रहती है। उस पर मुख्य मार्ग पर झुमते नाचते बारातियों का हुडदंग कोढ में खाज की स्थिति पैदा कर देता है। खासकर जब बारात बैंक्वेट हाल के गेट पर पहुंचती है तो यातायात थम जाता है। वाहनों से संकरी हुई सडक और उसी संकरी सडक पर बारात की भीड ऐसा लगता है मानों नगर की सांसे थम गई हो। ज्वालापुर रेलवें फाटक से चैक बाजार या कटहरा बाजार जाने में धंटों का समय लग जाता हैं। नगर को व्यवस्थित ढंग से बसाने का जिम्मा संभालने वाला एचआरडीए जन समस्याओं के निवारण का निर्वाचित नजर निगम प्रशासन और नगरवासियों के अधिकारी व जानमाल की सुरक्षा का दायित्व संभालने वाला पुलिस महकमा शादियों के सीजन में बेबस नजर आ रहा है। मुख्य मार्गा पर स्थित वैवाहिक समारोह स्थलों से आये दिन होने वाली परेशानी से सभी विभागों ने नजरें फेर रखी है। पूर्व में नगर पालिका और अब नगर निगम की किसी बैठक में किसी निर्वाचित प्रतिनिधि ने बिना पार्किग व्यवस्था के निर्मित बैंक्वेट हाल में आयोजित होने वाले विवाह समारोह से जाम लगने की समस्या को कभी नहीं उठाया, न जिलाधिकारी द्वारा समय समय पर ली जाने वाली समीक्षा बैठकों में पार्किग व्यवस्था के बने बैंक्वेट हाल, शापिंग काम्प्लेक्स, नर्सिग होम/निजी चिकित्सालय और भव्य शोरूम पर खडे होने वाले वाहनों से लगने वाले जाम पर कोई चर्चा की गई।
तमाम जिम्मेदार विभागों ने इस समस्या से आंखें मूंद रखी है । सडक पर बाराती जाम लगा देते हैं मगर यातायात नियंत्रण को तैनात पुलिसकर्मी मूकदर्शक बन कर खडे रहते हैं। अगर पुलिसकर्मी बारातियों को ज्यादा देर तक रूकने से मना करते हैं तो नशे में धुत्त बाराती पुलिसकर्मियों से भिड जाते हैं। टकराव की स्थित से बचने के लिए पुलिसकर्मियों को बारातियों के हुडदंग के आगे चुप्पी साधने को मजबूर होना पडता हैं।

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