पीडि़त परिवार को आर्थिक सहायता और सरकारी नौकरी की मांग

रुडक़ी – जम्मू बस अड्डे पर आतंकी हमले में मारे गए 17 साल के शारिक का शव शुक्रवार सुबह गांव में पहुंचाया गया। शव पहुंचने की सूचना पाकर बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। लोगों ने पीडि़त परिवार को 50 लाख की आर्थिक सहायता और सरकारी नौकरी की मांग उठाई। लोगों ने चेतावनी दी कि जब तक प्रशासन मुआवजे की घोषणा नहीं करता, शव का अंतिम संस्कार नहीं किया जाएगा। कुछ युवकों ने शव को दिल्ली-देहरादून राजमार्ग पर ले जाकर जाम लगाने की कोशिश भी की। विधायक और अन्य लोगों ने उनको ऐसा करने से रोक दिया। बाद में ज्वाइंट मजिस्ट्रेट नितिका खंडेलवाल ने पीडि़त परिवार को बताया कि सरकार की ओर से पांच लाख की आर्थिक सहायता और कृषि भूमि का पट्टा दिया जाएगा। टोडा एहतमाल गांव निवासी शारिक बुधवार को गांव से अपने मामा के साथ जम्मू में काम के सिलसिले में गया था। जम्मू बस अड्डे पर वह आतंकवादी हमले में मारा गया। शुक्रवार सुबह उसका शव गांव पहुंचाया गया। शव पहुंचने की जानकारी मिलते ही आसपास के गांव के लोग मौके पर पहुंच गए। कलियर विधायक फुरकान अहमद ने भी गांव में पहुंचकर पीडि़त परिवार को सांत्वना दी। इसी बीच भीड़ में शामिल कुछ लोगों ने युवकों को उकसाना शुरू कर दिया कि जब तक सरकार 50 लाख की आर्थिक सहायता, सरकारी नौकरी और पक्का घर नहीं देती है, तब तक शव को सुपुर्द ए खाक नहीं होने दिया जाएगा। साथ ही शव को हाईवे पर ले जाकर जाम लगाया जाएगा। इस पर पुलिस-प्रशासन में भी हडक़ंप मच गया। मौके पर मौजूद एएसडीएम रविन्द्र सिंह बिष्ट, सीओ चंदन सिंह बिष्ट, कोतवाल अमरजीत सिंह आदि ने अतिरिक्त पुलिस बल को बुला लिया। इसी बीच विधायक फुरकान अहमद, ग्राम प्रधान शमशाद, अफजाल आदि ने युवकों को ऐसा करने से रोका। वहीं, गांव में भीड़ बढ़ती ही चली गई। इसी बीच ज्वाइंट मजिस्ट्रेट ने उच्च अधिकारियों से वार्ता की। इसके बाद उन्होंने कहा कि पीडि़त परिवार को पांच लाख की आर्थिक सहायता, एक कृषि पट्टा और मृतक की पांचों बहनों की पढ़ाई के लिए छात्रवृत्ति, शादी के समाज कल्याण विभाग की ओर से दी जानी वाली सहायता प्रदान कराई जाएगी। इस पर ग्रामीणों ने सहमति जता दी। दोपहर बाद शव का अंतिम संस्कार कर दिया।

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