संत महापुरूषों ने सदैव समाज को नई दिशा प्रदान की : मदन कौशिक

हरिद्वार – कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक ने कहा है कि संत समाज सदैव राष्ट्र निर्माण में अपना उल्लेखनीय योगदान करता चला आ रहा है। संत महापुरूषों ने सदैव समाज को नई दिशा प्रदान की है। उक्त उद्गार उन्होंने भूपतवाला स्थित सीताराम धाम में ब्रह्मलीन स्वामी मोहनदास रामायणी महाराज के श्रद्धांजलि समारोह तथा स्वामी सूरजदास महाराज के महंताई चादर समारोह को संबोधित करते हुए व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि महंत मोहनदास रामायणी महाराज एक तपस्वी संत थे। जो प्रभु भक्ति लीन में रहकर अपने भक्तों के कल्याण की कामना करते थे। उन्हें कभी भुलाया नहीं जा सकता। नवनिुयक्त महंत सूरजदास महाराज ने कहा कि संत समाज द्वारा मुझे जो दायित्व सौंपा गया है। उसका मैं पूरी निष्ठा के साथ निर्वहन करूंगा। सनातन परम्पराओं का निर्वाह करते हुए पूज्य गुरूजी के अधूरे कार्यो को पूर्ण किया जाएगा। उनके बताए मार्ग पर चलकर संत समाज की सेवा एवं भारतीय संस्कृति व सनातन धर्म का प्रचार प्रसार करना ही मेरा मुख्य उद्देश्य होगा। बाबा हठयोगी व महंत जगदीशानंद गिरी महाराज ने कहा कि संतों के दर्शन मात्र से ही पापों से निवृत्ति तथा पुण्य की प्राप्ति होती है तथा ज्ञान का प्रकाश होता है। ब्रह्मलीन महंत मोहनदास रामायणी महाराज उच्च कोटि के विद्वान संत थे। उन्होंने अपने तप व विद्वता के माध्यम से संपूर्ण देश में वैष्णव सम्प्रदाय का गौरव बढ़ाया। उनके द्वारा गंगा तट से चलाए गए सेवा के प्रकल्प सराहनीय हैं। समाज कल्याण में उनके अतुलनीय योगदान का संत समाज सदैव आभारी रहेगा। इस अवसर पर महंत विष्णुदास, स्वामी चिदविलासानंद, महंत मोहन सिंह, महंत तीरथ सिंह, स्वामी ऋषिश्वरानंद, स्वामी शिवानंद भारती, महंत सच्चिदानंद, महंत जमनादास, महंत दुर्गादास, महंत ईश्वरदास, स्वामी ललितानंद गिरी, स्वामी ऋषि रामकिशन, स्वामी विवेकानंद, महंत जानकीदास, स्वामी हरिवल्लभदास शास्त्री महंत बिहारी शरणदास, महंत रघुवीर दास, पार्षद अनिरूद्ध भाटी, अनिल मिश्रा, मृदुल कौशिक, नरेश शर्मा आदि उपस्थित रहे।

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