संगठन चला रहे उद्देश्यहीन आंदोलन — विद्या गौतम

झारखण्ड – पलामु जिले में अम्बेडकर चेतना परिषद द्वारा आयोजित 13 वे वार्षिक समारोह मे विद्या गौतम विशिष्ट अतिथि के रूप समारोह को सम्बोधित करते हुए कहा कि हमारे समाज में हज़ारो लोग और समाजिक सगठन काम कर रहे है। फिर भी हम सब किसी नतीजे पर नही पहुँच पा रहे है, कारण साफ है कि हम उद्देश्यहीन आंदोलन चला रहे है। आज 2018 मे भी हम सब काम कर रहे है जहाँ हमारे पास हर तरह के साधन संसाधन उपलब्ध है फिर भी कोई बड़ी क्रांति नही कर पा रहे है। बाबा साहब जैसे महान व्यक्ति की विचारधारा के साथ भी यदि हम सब दिशाहीन है तो हमे समझना होगा कि कोई राजनैतिक की बात करता, कोई धर्म चलाने की बात करता , तो कोई आर्थिक विकास की बात करता है। जब तक हम सब बाबा साहब की उस बात पर गौर नही करेंगे जब उन्होंने 25 नवम्बर 1949 सविधान सभा में कहा था कि आज हम सब राजनीति में बराबर होंगे एक व्यक्ति ओर एक वोट की बराबरी तो होगी लेकिन समाजिक, आर्थिक रूप से पिछड़े रहेगे यदि राजनैतिक को सही दिशा नही दी तो समाजिक, सांस्कृतिक और आर्थिक जीवन का पिछड़ापन नही जाएगा और आने वाले समय में इसका खामियाजा भुगतान पड़ेगा, जिस संविधान को बड़े सघर्षो के साथ बनाया गया उस लोकतन्त्र को लोग उखाड़ फेंकेंगे। आज 70 साल बाद बाबा साहब की कहि गयी बात नजर आ रही है। पूंजीवाद ओर जातिवाद दोनों तरह की लड़ाई से बहुजन समाज जूझ रहा है। भागीदारी आबादी के अनुपात में हो , जिसके लिए शक्ति के सभी स्रोतों में न्यायपूर्ण बंटवारा ही मात्र विकल्प है। जिसमे मुख्यरूप से सरकार के सभी सरकारी टेंडर में हमारी हिस्सेदारी हो मूलनिवासी दलित, आदिवासी, पिछडे अपने जीवन मे परिवर्तन तभी कर सकेंगे जब तक कि प्रगति के सभी रास्तो में हिस्सेदारी नही मिलेगी । इसका यही रास्ता है की उघोगपति, सप्लायर, डीलर, ठेकेदार, इत्यादि बनने की चाह जब पैदा हो हमारे लोगो मे हो और इसके लिए समाज को सघर्ष करना होगा।राजनैतिक पार्टियों को चुनावी मुद्दा बनाने के लिए बहुजन समाज को सघर्ष करना होगा। इसी के साथ बाबा साहब अम्बेडकर की दी गयी सभी सवैधानिक व्यवस्था को लागू करवाना होगा। जिसके के लिए अखिल भारतीय अम्बेडकर महासभा के महाआंदोलन लगातार अनवरत रूप से चल रहा है भीख नही भागीदारी देश की हर ईट में चाहिए हिस्सेदारी कई राज्यो बड़े आंदोलन में जिसमे मुख्य रूप से राजस्थान सहित पंजाब, हरियाणा, उत्तराखण्ड, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश राज्यो मे इस आंदोलन की गूँज भारत के बहुजन समाज तक पहुँची तथा बड़े सफल आंदोलन हुवे। 8 अगस्त से लेकर 23 सितंबर 2018 तक चली भूख हड़ताल राष्ट्रीय स्तर की जिसमे कई राज्यो के लोगों ने शिरकत की राजस्थान, हरियाण, महाराष्ट्र, यूपी, पंजाब, मध्यप्रदेश जैसे राज्यो के लोगो का संघर्ष रंग लाया और केंद्र से 56 हज़ार करोड़ की बजट राशि प्रदान कराई गई। जो बजट की हिस्सेदारी के रूप में हर राज्य और केंद्र को मिलती SC और ST के मूलभूत सुविधाओं के विकास कार्यों के लिए। आप सभी अपील करते है सभी बहुजन समाज की आर्थिक आजादी के लिए अपने संवैधानिक अधिकारों के लिए किए जा रहे सघर्षो मे सभी सामाजिक संगठन तथा सामाजिक कार्यकर्ता अपना अपना सहयोग और समर्थन साथ दें | कार्याक्रम से मुख्य रूप से डा. त्रिशण व पूर्ण टीम, बाबा साहेब के पौत्र राजरतन अशोक, बैक मैनेजर हरिमोहन और अन्य गण माननीय व्यक्ति के साथ साथ हजारो कार्यकर्ता मौजूद रहे।

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